- एसडीएम के पुनर्मतगणना के आदेश पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक
- पौली ब्लाॅक के गागरगाड़ में 11 सितंबर को हुई थी दोबारा गिनती
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। पौली ब्लॉक के गागरगाड़ के प्रधान पद पर पुनर्मतगणना के एसडीएम के आदेश पर शुक्रवार को हाईकोर्ट ने रोक लगा दी। हालांकि, मतगणना 11 सितंबर को हो चुकी थी और रामजियावन दो मतों से प्रधान चुने गए थे। शुक्रवार को दिन में उन्हें शपथ भी दिला दी गई थी। शाम को हाईकोर्ट का आदेश आने के बाद रामजियावन के समर्थकों में निराशा छा गई। हाईकोर्ट ने एसडीएम के आदेश पर रोक लगाते हुए सूर्यनाथ शर्मा की प्रधानी बरकरार रखी है। प्रकरण की अगली सुनवाई 18 सितंबर को होगी।
वर्ष 2021 में ग्राम पंचायत के हुए आम चुनाव के दौरान पौली ब्लॉक के गागरगाड़ गांव के प्रधान पद के चुनाव में सूर्यनाथ शर्मा ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी राम जियावन यादव को एक मत से हराया था। उस समय हुई मतगणना पर आपत्ति जाहिर करते हुए राम जियावन यादव ने एसडीएम न्यायालय में वाद दाखिल कर पुनर्मतगणना कराए जाने की मांग की थी। दोनों पक्ष के अधिवक्ता अपना-अपना तर्क रखते रहे।
राम जियावन यादव के अधिवक्ता ने बताया कि लंबी बहस के बाद एसडीएम कोर्ट ने ग्राम पंचायत गागरगाड़ के प्रधान पद के लिए पड़े मतों की गिनती पुन: किए जाने का आदेश दिया। एसडीएम के आदेश पर 11 सितंबर को मतगणना हुई जिसमें रामजियावन को 300 मत और सूर्यनाथ शर्मा को 298 मत मिले। इसके बाद रामजियावन को दो मतों से विजयी घोषित कर दिया गया। एसडीएम के आदेश पर हुई पुनर्मतगणना से असंतुष्ट सूर्यनाथ शर्मा हाईकोर्ट चले गए और एसडीएम न्यायालय के विरुद्ध याचिका दाखिल की थी।
अगले आदेश तक सूर्यनाथ बने रहेंगे प्रधान
शुक्रवार को रामजियावन यादव को प्रधान पद की शपथ भी दिला दी गई। इसी बीच देर शाम हाईकोर्ट का आदेश आ गया। सूर्यनाथ पक्ष के मुताबिक हाईकोर्ट ने उनकी याचिका स्वीकार करते हुए एसडीएम न्यायालय के 31 अगस्त 2024 के पुनर्मतगणना के आदेश पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही रामजियावन की प्रधानी शपथ ग्रहण के 24 घंटे के भीतर ही छिन गई। याचिकाकर्ता सूर्यनाथ शर्मा के अधिवक्ता ने बताया कि इस मामले में अगली सुनवाई 18 सितंबर को होगी, तब तक सूर्यनाथ शर्मा प्रधान पद पर बने रहेंगे।