संतकबीरनगर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खलीलाबाद के अधीक्षक और जिला कारागार के चिकित्सक का अश्लील वीडियो बनाकर पेड वेबसाइट पर अपलोड करने और पत्नी तथा उसके परिवार के लोगों के साथ मारपीट करने का मामला अब मुख्यमंत्री के दरबार में पहुंच गया है। पत्नी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शुक्रवार को इसकी फरियाद लगाई तो सीएम ने आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पत्नी ने मामले की सीबीसीआईडी जांच की मांग की है।
बता दें कि डॉ. वरुणेश दुबे पर जिला कारागार के आवास में खुद को ट्रांसजेंडर बताकर अश्लील वीडियो बनाए जाने तथा उसको पेड साइट पर अपलोड करने के साथ ही मारपीट करने का आरोप उनकी पत्नी शिम्पी पांडेय ने लगाया था। इस आरोप के बाद शिम्पी पांडेय की तहरीर पर 19 मई की रात में केस दर्ज किया गया। इस केस के दर्ज होने के बाद चिकित्सक के आवास को खोला गया। उसमें से सारी चीजें गायब पाई गई।
पत्नी ने आरोप लगाया कि आवास खोलने से पहले ही पति ने अपने साथियों रामसुभग यादव और अन्य के साथ मिलकर आवास का पिछला दरवाजा खोलकर सारे साक्ष्यों को हटवा दिया है। उसकी बारीकी से जांच पड़ताल हुई तथा दोबारा उसे सील कर दिया गया। केस दर्ज होने के बाद सीएमओ डॉ. रामानुज कन्नौजिया ने तीन सदस्यीय विभागीय जांच टीम बनाई। इस टीम ने चिकित्सक का बयान लिया, जिसमें डॉ. वरुणेश दुबे ने खुद को निर्दोष बताया। इसके बाद से चिकित्सक पूर्ववत अपने पद पर बने हुए हैं।
शिम्पी पांडेय ने आरोप लगाया कि सीएमओ के द्वारा बनाई गयी टीम ने आन-फानन में चिकित्सक को क्लीन चिट दे दी। वहीं कोतवाली पुलिस चिकित्सक के साथ मिली हुई है। सारे साक्ष्यों को सौंपने के बाद अभी तक निष्पक्ष रूप से जांच नहीं की गई। यही नहीं साक्ष्यों को मिटाने का प्रयास भी किया जा रहा है। उन्होंने यह भी लिखा कि सरकारी सेवक नियमावली के विपरीत आचरण करने वाले डॉ. वरुणेश दुबे का संजाल चारों तरफ फैला हुआ है। उनका कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी सीबीसीआईडी जांच कराई जाय।
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अब तक केवल मेडिकल की हुई कार्रवाई
इस मामले में केस दर्ज होने के 18 दिन बीतने के बाद भी पुलिस ने अब तक केवल चिकित्सक की पत्नी शिम्पी पांडेय का मेडिकल परीक्षण कराया है। वहीं उनके पिता तथा भाई जो इस मारपीट में चोटिल हुए थे, उनका कोई परीक्षण नहीं कराया है। यही नहीं एक पेन ड्राइव में सारे वीडियो साक्ष्यों को विवेचक ने लिया है। इसके साथ ही पूर्व विवेचक जिला कारागार चौकी प्रभारी जय राम यादव ने मामले में आईटी एक्ट बढ़ाते हुए इंस्पेक्टर से इस मामले की विवेचना की संस्तुति की है।
कोट
मामले में निष्पक्षता से जांच की कार्रवाई चल रही है। सारे साक्ष्यों को संकलित कराया जा रहा है।
-सुशील कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक