प्रदर्शन करते हुए बिजली कर्मचारी।
संतकबीरनगर। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर शुक्रवार को भी बिजली कर्मियों ने निजीकरण के विरोध में अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान बिजली कर्मियों ने निजीकरण का फैसला वापस लिए जाने के लिए मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की। कहा कि निजीकरण का फैसला उपभोक्ताओं पर थोपा न जाए।
धरना की अध्यक्षता करते हुए नवनीत सिंह ने कहा कि बिजली कर्मचारियों ने रिकॉर्ड विद्युत आपूर्ति की है और लाइन हानियों में कमी कर उसे राष्ट्रीय मानक के नीचे कर दिया है। महाकुंभ के दौरान बिजली कर्मियों ने अथक परिश्रम कर 65 दिनों तक चले महाकुंभ में पल मात्र के लिए भी विद्युत आपूर्ति में व्यवधान नहीं आने दिया। आंदोलनरत रहते हुए भी बिजली कर्मियों ने भीषण गर्मी के दौरान लगातार बेहतर विद्युत आपूर्ति बनाए रखने का प्रयास किया है।
इस दौरान इंजीनियर राजेश कुमार, मुकेश गुप्ता, अमित सिंह, पंकज कुमार, धनंजय सिंह, बेचन प्रसाद, चंद्र भूषण, दिलीप सिंह, राघवेंद्र सिंह, दुर्गा प्रसाद, सुनील आदि माैजूद रहे।