संतकबीनगर। तामेश्वरनाथ धाम को काशी की तर्ज पर विकसित करने के लिए कॉरिडोर बनाने को लेकर प्रशासन सक्रिय हो गया है। सर्वे का कार्य पूरा होने के बाद अब डीपीआर तैयार हो रहा है। काॅरिडोर के तहत तामेश्वरनाथ मंदिर का सुंदरीकरण कराया जाएगा। निर्बाध बिजली की उपलब्धता के लिए सोलर पैनल लगाए जाएंगे। सड़कें चौड़ी होंगी, वाहन पार्किंग और यात्री निवास का निर्माण किया जाएगा।
26 मई को सूबे की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तामेश्वरनाथ धाम आए थे, यहां पर उन्होंने काॅरिडोर बनाने की घोषणा की थी। इसके साथ ही डीपीआर तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए थे। इस दिशा में प्रशासन ने मंदिर परिसर सहित काॅरिडोर क्षेत्र के लिए सर्वे कराया है। प्रशासन ने जो कार्य योजना तैयार की है, उसके तहत मंदिर परिसर का सुंदरीकरण कराया जाएगा। यहां आने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों के ठहरने के लिए यात्री निवास बनाने के साथ ही यात्री हाल का निर्माण होगा। पोखरे का सुंदरीकरण और बीच में आने-जाने के लिए पुल, वाहन को खड़ा करने के लिए वाहन पार्किंग स्थल, सड़कों के चौड़ीकरण, गो आश्रय स्थल की स्थापना, नव ग्रह वाटिका, लान, हवन कुंड का निर्माण कराया जाएगा। यहां जिन लोगों का मकान और दुकान हैं, उनके पुर्नवास के लिए अलग से व्यवस्था की जाएगी। काॅरिडोर क्षेत्र को निर्बाध रूप से जगमगाने के लिए सोलर पैनल लगाया जाएगा।
प्रशासन ने इस पर मंदिर के पुजारियों, वहां के स्थानीय निवासियों के साथ वार्ता का एक दौर पूरा कर लिया है। इसके साथ ही सदर विधायक अंकुर राज तिवारी और अन्य से भी सार्थक वार्ता की है। इस काॅरिडोर के बनने से यह क्षेत्र पर्यटन के दृष्टिकोण से विकसित हो जाएगा और व्यवसायिक गतिविधियां बढ़ने से आसपास के लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।