संतकबीरनगर/मेंहदावल। जिले के 1146 परिषदीय विद्यालयों में करीब एक से अधिक विद्यार्थियों को आत्मरक्षा के गुर सिखाए जाएंगे। इसके साथ ही उन्हें गुड टच-बैड टच और बाल संरक्षण के प्रति भी जागरूक किया जाएगा।
इस पहल के लिए खेल अनुदेशक बतौर प्रशिक्षक नियुक्त कर दिए गए हैं। कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों को यह प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस मुहिम का उद्देश्य बच्चों को डराना नहीं है। इसका लक्ष्य उन्हें सतर्क और आत्मविश्वासी बनाना है। बच्चों को सरल भाषा में सही और गलत स्पर्श की पहचान सिखाई जाएगी। उन्हें निजी सीमाओं की समझ और असहज स्थितियों से निपटने के तरीके भी बताए जाएंगे। यह कार्यक्रम पढ़ाई के साथ-साथ आत्मसुरक्षा का पाठ भी पढ़ाएगा। उन्होंने बताया कि बच्चों को स्कूली हिंसा और बाल शोषण के खतरों से संयुक्त रूप से बचाने के लिए कई व्यावहारिक गतिविधियां लागू की जा रही हैं। शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत में विद्यालय में छात्रों को कानूनी शिक्षा प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। दैनिक जीवन से जुड़ी स्थितियों का उपयोग करते हुए, छात्रों को उचित व्यवहार, माफी मांगने का तरीका और अपने दोस्तों की मदद करने और उनके साथ चीजें साझा करने के बारे में मार्गदर्शन दिया जाएगा।