हृदय और न्यूरो के विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं होने से परेशानी
- 22 लाख की आबादी के स्वास्थ्य का जिम्मा 136 चिकित्सकों के जिम्में
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिले की आबादी करीब 22 लाख है। इनके स्वास्थ्य की देखभाल के लिए जिले में 136 चिकित्सक तैनात हैं। वहीं, रोगों के विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी भी स्वास्थ्य सुविधाओं में बाधा उत्पन्न कर रही है। जिले में हार्ट, न्यूरो, कैंसर रोग जैसी बीमारियों के चिकित्सक नहीं है। इस बीमारी के मरीजों को अन्य जिलों का रुख करना पड़ता है।
जिले में एक जिला अस्पताल, सात सीएचसी समेत 26 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। यहां पर कुल 103 चिकित्सक तैनात हैं। जिला अस्पताल में 33 चिकित्सकों की जगह 27 चिकित्सक तैनात हैं। इनमें 16 नियमित चिकित्सक और 11 संविदा पर सेवा दे रहे हैं। इसी तरह से सीएचसी और पीएचसी पर 103 पदों की जगह 76 चिकित्सक तैनात हैं। इनमें 25 नियमित चिकित्सक और 51 संविदा पर हैं। जिले में हृदय रोग विशेषज्ञ, कैंसर रोग विशेषज्ञ, न्यूरो सर्जन समेत कई विषय विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी बनी हुई है। इनसे संबंधित मरीजों को अन्य जनपदों में इलाज के लिए जाना मजबूरी है।
डब्लूएचओ के मुताबिक एक हजार की आबादी पर एक चिकित्सक होने चाहिए। वैसे स्वास्थ्य महकमा चिकित्सकों की कमी के बाद भी मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने का प्रयास कर रहा है। कोरोना की पहली, दूसरी और तीसरी लहर में इन्हीं चिकित्सकों के भरोसे मरीजों का इलाज हुआ था।
विशेषज्ञ चिकित्सक जिले में नहीं है। जिसके लिए मुख्यालय को पत्र भेजा गया है। जैसे ही जिले को शासन से चिकित्सक मिलेंगे उनकी तैनाती अस्पतालों में कर दी जाएगी। फिलहाल जो चिकित्सक हैं वह मरीजों का बेहतर इलाज कर रहे हैं।
- डॉ. इंद्रविजय विश्वकर्मा, सीएमओ