सीएचसीसेमरियावां पर पर्चा के लिए लगी भीड़-संवाद
सेमरियावां। बीएमसीटी राज्य मार्ग पर स्थित सीएचसी सेमरियावां में घायलों के इलाज के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं है। गंभीर मरीज सीएचसी से जिला अस्पताल भेज दिए जाते हैं। मरीजों को सिर्फ प्राथमिक उपचार ही मिल पाता है।
दरअसल बीएमसीटी मार्ग के चौड़ीकरण व राज्य मार्ग बनने से ट्रक, ट्रेलर जैसे भारी वाहनों का आना जाना बढ़ गया है। बाइक सवार, ऑटो व ई-रिक्शा चालक भी सड़क पर तेज रफ्तार फर्राटा भरते हैं, जिससे सड़क हादसों की संख्या काफी बढ़ गई। मगर इलाज के संसाधन बढ़ने के बजाए कम हो रहे हैं। सड़क हादसे में घायलों को सीएचसी सेमरियावां पहुंचाया जाता है।
सीएचसी में मरीजों को महज प्राथमिक उपचार मिल पाता है। 10 से 20 फीसदी मरीजों को ही या तो प्राथमिक इलाज की जरूरत पड़ती है या उनका इलाज जिला अस्पताल में संभव हो जाता है। बाकी 80 फीसदी रेफर होते हैं। डॉक्टरों के मुताबिक जिस तरह घायलों की संख्या बढ़ रही है उस हिसाब से ट्रामा मैनेजमेंट के लिए डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के साथ संसाधन उपलब्ध होने चाहिए ताकि कम से मरीज को स्टेबिल किया जा सके।
अस्पताल में एक हड्डी रोग विशेषज्ञ तक की तैनाती नहीं है। अस्पताल में गंभीर घायलों के इलाज की व्यवस्था नहीं है। 24 घंटे भी मरीजों को रोकने की स्थिति में डॉक्टर नहीं है। इसके पीछे आईसीयू और इमरजेंसी में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ का नहीं होना है। दरअसल एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की ट्रामा मैनेजमेंट में अहम भूमिका होती है। आर्थोपेडिक मरीजों को इलाज नहीं मिल रहा है। इसके चलते तीमारदारों को परेशानी होती है। घायल को लेकर एक से दूसरे अस्पताल का चक्कर लगाते हैं।