गायघाट गांव के चारो तरफ पहुंचा बाढ़ का पानी ।
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संतकबीरनगर/महुली। जिले की प्रमुख नदियां उफान पर हैं। तबाही मचाने वाली सरयू, राप्ती और कुआनो का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। सरयू के जलस्तर में लगातार बढ़ दर्ज की जा रही है।
इसमें डेढ़ सेंटीमीटर प्रतिघंटे के हिसाब से पानी बढ़ रहा है। सरयू अब खतरे के निशान से महज 60 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। बाढ़ की आशंका से लोग सहमे हुए दिख रहे हैं। वहीं लोगों के साथ ही विभाग ने भी बाढ़ से बचाव की तैयारियां शुरु कर दी है।
सरयू पर संतकबीरनगर की सीमा पर बना एमबीडी बांध, जिसे रामपुर मदरहा-बहराडाडी बांध भी कहा जाता है, वह 32 किलोमीटर लंबा बांध है। यह धनघटा तहसील क्षेत्र के 50 से अधिक गांवों को बाढ़ से बचाता है। नदी इसी बांध पर कटान करती है। तुर्कवलिया, गायघाट, दौलतपुर, कंचनपुर समेत दर्जनों स्थानों पर कटान होती है।
बांध की सुरक्षा को लेकर अधिकारी पूरी तरह से सतर्क हैं। वर्तमान समय में नदी कहीं कटान तो नहीं कर रही है लेकिन पानी बांध के करीब पहुंच चुका है। तुर्कवलिया, गायघाट, ढोलबजवा, माझा खड़कपुर समेत अन्य स्थानों पर नदी का पानी जलनिकासी के लिए बनाए गए साइफन के जरिये रास्तों को डुबाे रहा है।
आधा दर्जन से अधिक गांव जो नदी और बांध के बीच में हैं वहां के लोग काफी सशंकित दिख रहे हैं, लेकिन उन्हें इसकी आदत भी पड़ चुकी है तो वह अपनी तैयारियों में भी जुटे हैं। कोई नाव बना रहा है तो कोई बाढ़ अधिक दिन रहने पर बाढ़ से बचने के इंतजाम देख रहा है। कुल मिलाकर कोई भयावह स्थिति नहीं है। नदी का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो स्थिति गंभीर हो सकती है।