मेंहदावल। सोमवार को तुनियहवा चौराहे पर एक किसान सेवा केंद्र पर किसान गोष्ठी की गई। इसमें कृषि विशेषज्ञ सतीश मिश्रा ने असली मोनो जिंक के उपयोग के साथ नकली-असली जिंक में विभेद की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि धान की फसल में बेहतर पैदावार और सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी को दूर करने के लिए मोनो जिंक जरूरी है।
इस दौरान विशेषज्ञ विजयकांत पांडेय ने किसान हित के साथ कम लागत में कैसे खेती की जाए इसके बारे में जानकारी दी। उन्होंनेे कहा कि मोनो जिंक एक ऐसा उर्वरक है जो फसलों में जिंक की कमी दूर करने और पौधोंं के विकास को बढ़ावा देने मेन मदद करता है।
यह पौधोंं को हरा-भरा रखने और तिलहनी फसलों की उपज बढ़ाने में सहायक होता है। क्षेत्रीय किसान अशोक द्विवेदी, राघवेंद्र राय, महेश पांडेय, अख्लाक अहमद, अब्दुल कलाम, अब्दुल समद, अब्दुल सलाम समेत कई किसानों का कहना था कि कृषि के क्षेत्र में इस गोष्ठी में काफी अच्छी जानकारी प्राप्त हुई है। इस अवसर पर क्षेत्र के प्रगति शील किसान भी उपस्थिति रहे।