मेंहदावल। आम तोड़ने के विवाद में बुजुर्ग संतबली की हत्या के बाद सिक्टौर माफी और अमरडोभा में राजनैतिक पार्टियों की सरगर्मियों बढ़ गई है। पुलिस भी जांच के लिए फूंक-फूंक कर कदम आगे बढ़ा रही है। चार नामजद आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। वहीं अज्ञात आरोपियों को भी चिह्नित किया जा रहा है, जिससे जल्द से जल्द घटना में संलिप्त सभी आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित हो सके। अमरडोभा व सिक्टौर गांव के सिवान में 14 जून को आम तोड़ने के विवाद में बुजुर्ग संतबली यादव की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पीड़ित परिवार की तहरीर पर नौ लोग नामजद आरोपी बनाए गए थे। वहीं 20 से 25 की संख्या में अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस ने केस पंजीकृत किया था। इसमें पांच आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में लेकर जेल भेजा है। जबकि, चार आरोपी अभी भी फरार हैं। उनकी तलाश में पुलिस टीम दबिश दे रही है।
वहीं दूसरी तरफ राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों के गांव में पहुंचने से माहौल गर्म हो रहा है। एक तरफ सपा जिला अध्यक्ष के अगुवाई में सोमवार को नेताओं की टीम गांव में पहुंची थी। वहीं दूसरी तरफ पूर्व सांसद इंजीनियर प्रवीण निषाद के अगुवाई में निषाद पार्टी से जुड़े नेता भी सोमवार को अमरडोभा गांव में पहुंचे थे। यहां एक पक्ष पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगा रहा था। वहीं दूसरा पक्ष जिस परिवार के बुजुर्ग की हत्या हुई है, वह डरा सहमा हुआ है।
दूसरी तरफ पुलिस क्षेत्राधिकारी और थानाध्यक्ष नेताओं के दौरे को देखते हुए लगातार गांव में डेरा डाले हुए हैं। मौके पर पुलिस बल भी तैनात किया गया है। पुलिस प्रशासन हत्या में शामिल आरोपियों को चिह्नित करने के साथ गांव में शांति व्यवस्था बहाल करने के लिए पहल कर रही है। संतबली यादव के परिवार के भगवान दास, शोभनाथ, अखिलेश, महेश, दुर्गेश आदि का कहना है कि परिवार के मुखिया की हत्या दबंगों ने की है। पुलिस ने केस दर्ज किया है। एसओ सतीश कुमार सिंह ने बताया कि गांव में शांति व्यवस्था बहाल करने की पहल की जा रही है। मौके पर एहतियातन पुलिस बल तैनात किया गया है।