फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sant Kabir Nagar News: राप्ती का जलस्तर 55 सेमी बढ़ा, सरयू रिंग बांध के पास पहुंची

विज्ञापन
मेंहदावल में बेलौली बांध के किनारे गिराए गए पत्थर। संवाद
विज्ञापन
मेंहदावल/ लोहरैया। जिले में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। मेंहदावल में राप्ती का जलस्तर दो दिन में करीब दो मीटर बढ़ा है। सोमवार को जलस्तर तेजी से बढ़ना शुरू हुआ। इससे विभाग सतर्क हो गया। वहीं धनघटा इलाके में सरयू नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। गायघाट के पास नदी रिंग बांध से सटकर बह रही है, जिससे बांध पर दबाव बढ़ता जा रहा है।
विज्ञापन

मेंहदावल में राप्ती का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। रविवार को राप्ती का जलस्तर शाम तक घटकर 75.35 मीटर पर आ गया था लेकिन सोमवार को सुबह राप्ती का जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया। दोपहर 12:00 तक राप्ती का जलस्तर 76.33 मीटर पर पहुंच गया।
शाम 4:00 बजे जलस्तर 76.88 मीटर हो गया। मंगलवार को राप्ती का जलस्तर सुबह 8:00 बजे 77.45 मीटर पर पहुंच गया। जलस्तर लगातार बढ़ने से क्षेत्र के लोगों की चिंता बढ़ गई है। विभागीय अधिकारी भी हरकत में आ गए। मौके पर एसडीएम सुनील कुमार भी पहुंच गए।
विज्ञापन

विभागीय अधिकारियों से जल स्तर तथा तटबंध के बारे में जानकारी लेने के साथ ही आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया था। जलस्तर बढ़ने से तटबंध से सटे गांव के लोगों की चिंता बढ़ गई। श्रीराम यादव अवध किशोर सुनील कुमार त्रिपाठी दीपचंद निषाद श्याम करण यादव जगदंबा तिवारी रामहित जयराम रामकिशोर आदि लोगों का कहना है कि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो तटबंध व नदी के बीच जो फसल है वह डूब जाएगा।
इससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। जलस्तर लगातार बढने से बांध से सटे गांव में लोगों की चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल विभागीय अधिकारी बढ़ते जल स्तर के बाद भी तटबंध को पूरी तरह से सुरक्षित बता रहे हैं।

दो दिन से जलस्तर तेजी से बढ़ रहा था, लेकिन मंगलवार को दोपहर से नदी स्थिर है। दोपहर 12:00 बजे जल स्तर का माप कराया गया तो 77.45 मीटर पर ही नदी पूरी तरह से स्थिर है। लगातार जलस्तर की विभाग द्वारा निगरानी की जा रही है। आवश्यकतानुसार कार्य कराया जा रहा है।
-मनीष राय, सहायक अभियंता
-
बांध से सटे यह गांव हैं

करमैनी-बेलौली तटबंध से सटे कई गांव हैं। जिनकी सुरक्षा नदी व आबादी के बीच केवल तटबंध करता है। जब जलस्तर खतरे के निशान को पर करता है तो यह आबादी तटबंध पर शरण ले लेती है। यह गांव हैं करमैनी भरथुवा बेलौहा नौगो छपिया पराग तिवारी पुर विशुनपुर बढ़या ठाठर कुसौना कला डुमरिया बाबू थरौली बेलौली खैरा यह गांव तटबंध से सटे राप्ती के मुहाने पर बसे हैं जिनका सुरक्षा कवच बांध है।

-
स्थिति से निपटने के लिए ड्रेनेज खंड तैयार

मेंहदावल। बढ़ते जलस्तर के बाद भी बाढ़ की अभी कोई संभावना नहीं है। हर वर्ष बरसात में नदी का जलस्तर बढ़ता-घटता है। फिर भी ड्रेनेज खंड द्वितीय के अधिकारी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। बढ़ते जलस्तर के बाद यदि तटबंध पर कहीं कटान की स्थिति आती है तो उससे निपटने के लिए ड्रेनेज खंड की समुचित व्यवस्था पहले से ही स्टोर किया गया है। अवर अभियंता दिनेश कुमार, अर्जुन प्रसाद का कहना है कि बोरी, गिट्टी, बोल्डर समेत आवश्यक सामग्री स्टोर किया गया है। फिलहाल बाढ़ जैसी संभावना नहीं है। तटबंध पूरी तरह से मजबूत है।
-
तीन सौ मीटर तटबंध होगा बोल्डर पीचिंग से मजबूत

मेहदावल। बांध का अति संवेदनशील कटान स्थल विशुनपुर में तीन सौ मीटर लंबा स्पर एप्रन स्लोप पीचिंग आदि का कार्य 80 प्रतिशत पूरा हो गया है। शेष काम तेजी से हो रहा है।

-
जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बढ़ते जलस्तर को देखकर चिंता भी बढ़ रही है। फिलहाल अभी तो बाढ़ की स्थिति नहीं है लेकिन इसी तरह जलस्तर अगर बढ़ता रहा तो बाढ़ की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता है।

-अवनींद्र नाथ त्रिपाठी, नगपुर

जब बरसात शुरू होती है तभी करमैनी बेलौली तटबंध पर विभाग काम करता है। 10 महीने विभाग तटबंध की सुध नहीं लेता। रेनकट तक बरसात में भरे जाते हैं।

-रंभू, सरफरा
-

ग्रामीणों ने कहा-समय रहते सुरक्षा उपाय करे विभाग
लोहरैया। सरयू नदी का जलस्तर लगातार तेज़ी से बढ़ने से तटवर्ती क्षेत्रों में चिंता बढ़ गई है। गायघाट के पास नदी रिंग बांध से सटकर बह रही है, जिससे बांध पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो नदी खेती योग्य भूमि को काटते हुए आबादी की ओर बढ़ सकती है।

ग्रामीणों के अनुसार रिंग बांध के जिन हिस्सों पर बालू से भरी बोरियां लगाई गई हैं, वहां स्थिति फिलहाल नियंत्रित है, लेकिन कई स्थानों पर न तो जियो ट्यूब लगाए गए हैं और न ही अतिरिक्त बालू की बोरियों से सुरक्षा की गई है। ऐसे हिस्सों में नदी का पानी धीरे-धीरे खेती योग्य भूमि तक पहुंचने लगा है, जिससे कटान का खतरा बढ़ गया है।
लोगों का कहना है कि यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो सरयू नदी ढोलबजा गांव की ओर रुख कर सकती है। इससे गांव के साथ-साथ एमबीडी बांध से ढोलबजा जाने वाली पक्की सड़क भी कटान की चपेट में आने की आशंका है। ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग और प्रशासन से मांग की है कि संवेदनशील स्थानों पर तत्काल जियो ट्यूब, बालू से भरी बोरियां तथा अन्य बाढ़ सुरक्षा कार्य कराए जाएं। ताकि कटान रोकी जा सके और गांव तथा कृषि भूमि को सुरक्षित रखा जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें