संतकबीरनगर। ब्रिटिश मौलाना शमशुल हुदा खान के मदरसा जमीन प्रकरण में एसडीएम न्यायालय में मंगलवार को होने वाली सुनवाई एक बार फिर टल गई। अब अगली सुनवाई 28 जुलाई को होगी। इस प्रकरण में शिकायतकर्ताओं ने मदरसे की भूमि को सरकारी भूमि घोषित करने की मांग करते हुए न्यायालय में वाद दायर किया है।
मंगलवार को निर्धारित तिथि पर एक पक्ष की ओर से आवश्यक प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाने के कारण मामले की सुनवाई आगे बढ़ा दी गई। शिकायतकर्ताओं नूरुल हक व आसिया खातून का आरोप है कि जिस भूमि पर मदरसा संचालित हो रहा है, वह सरकारी अभिलेखों में सार्वजनिक अथवा सरकारी भूमि की श्रेणी में आती है।
उन्होंने न्यायालय से राजस्व अभिलेखों की जांच कर भूमि को सरकारी घोषित करने तथा नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की है। वहीं, यह मामला पहले से ही विभिन्न जांच एजेंसियों की कार्रवाई और प्रशासनिक स्तर पर चल रही जांच के कारण चर्चा में बना हुआ है।
ऐसे में एसडीएम न्यायालय में चल रही राजस्व वाद की सुनवाई पर भी लोगों की नजर बनी हुई है। अब मामले में 28 जुलाई को होने वाली सुनवाई के दौरान न्यायालय की अगली कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। एसडीएम खलीलाबाद हृदय राम त्रिपाठी ने बताया कि वादी पक्ष ने अपने समस्त अभिलेख प्रस्तुत किए हैं। मामले में अगली तिथि 28 जुलाई को निर्धारित की गई है।