- केबीसाडा और महायोजना के लिए डीएम ने भेजा प्रस्ताव
- महायोजना लागू होते ही शुरू हो जाएगा कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। पूर्वांचल की सबसे बड़ी कपड़ा मंडी बरदहिया बाजार को टेक्सटाइल ट्रेनिंग हब के रूप में विकसित करने की तैयारी है। इस बाजार में हर सप्ताह करीब 100 करोड़ का कारोबार होता है। यहां कई प्रदेशों के लोग खरीदारी के लिए आते हैं। इसे विनियमित क्षेत्र में शामिल किया गया है। डीएम ने प्रस्ताव तैयार शासन को भेज दिया है। केबीसाडा और महायोजना की मंजूरी के बाद इस पर अमल शुरू हो जाएगा। इससे व्यापारियों को सहूलियत मिलेगी, वहीं बरदहिया में सड़क के दोनों तरफ लगी दुकानों से लगने वाले जाम से भी निजात मिलेगी।
शहर के बरदहिया बाजार में शनिवार रात से सोमवार की सुबह तक कपड़े की मंडी लगती है। इस मंडी में बिहार, नेपाल समेत प्रदेश के कई जिलों से व्यापारी कपड़े की खरीदारी के लिए आते हैं। बाजार पूरी तरह से खुले आसमान में लगाया जाता है। डीएम ने इस बाजार को विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसे महायोजना 2035 में शामिल किया है। इसके लिए इस बाजार को टेक्सटाइल ट्रेनिंग हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इसमें दुकानदारों को दुकानें बनाकर दी जाएंगी। साथ ही खरीदारी के लिए आने वाले लोगों के लिए भी कैंटिन व शौचायल आदि की व्यवस्था होगी। बाहर से आने वाले लोगों के ठहरने का भी इंतजाम होगा।
टेक्सटाइल ट्रेनिंग हब के लिए 100 एकड़ जमीन की जरूरत
बरदहिया बाजार को टेक्सटाइल ट्रेनिंग हब के रूप में विकसित करने के लिए करीब 100 एकड़ जमीन की जरूरत होगी। केबी साडा और महायोजना की मंजूरी के बाद जमीन की तलाश में प्रशासन जुट जाएगा। इस जमीन पर बाजार एक साथ लगेगा। इससे सरकार की आय भी बढ़ेगी। दुकानों के साथ मनोरंजन के साधन भी होंगे।
जाम से मिलेगी निजात
बरदहिया बाजार को टेक्सटाइल ट्रेनिंग हब के रूप में विकसित करने बाद बरदहिया मार्ग को जाम से निजात मिलेगी। सड़कों के दोनों तरफ बाजार नहीं लगेगा। जो दुकानें आवंटित होंगी उसमें ही वह व्यापार करेंगे। जिससे बरदहिया बाजार में खरीदारी के लिए आए लोगों को जाम से राहत मिलेगा। वहीं बरदहिया से होकर शहर के बाहर हाईवे पर जाने वाले लोगों को जाम में फंसना नहीं पड़ेगा।
शौचालय व पेयजल की समस्या से जूझते हैं लोग
बरदहिया बाजार में आने वाले व्यापारी और खरीदार दो दिनों तक शौचालय और पेयजल की समस्या से जूझते हैं। चूंकि बाजार का रूप काफी बढ़ गया है। दुर्गा मंदिर बरदहिया से कबीर चौक तक बाजार सजने लगा है। लेकिन यहां पर कोई सार्वजनिक शौचालय और पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं है। व्यापारियों को पानी खरीद कर पीना पड़ता है।
बरदहिया बाजार को टेक्सटाइल ट्रेनिंग हब के रूप में विकसित करने की योजना है। केबी साडा और महायोजना 2035 की स्वीकृति मिलते ही इस ओर कदम उठाया जाएगा।
- महेंद्र सिंह तंवर, डीएम