बीआरसी मेंहदावल के सभागार में निपुण विद्यालयों के शिक्षकों को प्रमाण पत्र वितरित करते बीईओ
मेंहदावल। नामांकन और बच्चों की स्कूल में नियमित उपस्थिति के साथ उनके भविष्य को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी अभिभावकों के साथ शिक्षकों की भी रहती है। शनिवार को बीआरसी सभागार में ब्लॉक के 66 निपुण विद्यालयों के शिक्षकों को निपुण प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करते हुए बीईओ ज्ञानचंद्र मिश्र ने कही।
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों, प्राथमिक विद्यालयों में बुनियादी साक्षरता के तहत कई प्रकार की सुविधाएं दी जा रही हैं। हमारा आंगन हमारे बच्चे अभियान से प्री-प्राइमरी की पढ़ाई को बढ़ावा मिल रहा है। अगर हम कोई भी काम मनोयोग से करें तो सफलता अवश्य मिलती है।
उन्होंने बच्चों को पूर्व प्राथमिक शिक्षा से जोड़ने में सभी जिम्मेदारों को अपनी सक्रिय भूमिका निभाने पर बल दिया। उन्होंने कहा डीएलएड प्रशिक्षुओं द्वारा ब्लॉक में 67 चयनित स्कूलों में जाकर कक्षा एक व दो के बच्चों का आंकलन किया था। जिसमें से 66 स्कूलों को निपुण विद्यालय घोषित हुए थे।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ब्लॉक अध्यक्ष प्रेमप्रकाश दूबे, प्रेमनाथ पांडेय, कमलेश चंद्र त्रिपाठी, एआरपी प्रफुल्ल त्रिपाठी, सर्वेश त्रिपाठी, निशांत त्रिपाठी, लक्ष्मी देवी, संजीव मणि त्रिपाठी, श्रीप्रकाश सिंह, प्रतिभा सिंह, अलंकृता पाठक, सृष्टि पाठक, सुनील कुमार शुक्ल आदि मौजूद रहे।