हनुमानगंज पुलिस द्वारा पीकप वाहन पर कोड अंकित किया जा रहा है।
खड्डा। पशु तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से पुलिस ने एक अहम पहल की है। एसपी के निर्देश पर जिले के सभी थानों के अंतर्गत संचालित पिकअप वाहनों पर थाना-वार कोड नंबर अंकित किए जा रहे हैं, जिससे वाहनों की पहचान और निगरानी आसान हो सकेगी।
पुलिस प्रशासन की ओर से प्रत्येक थाने को अलग-अलग कोड जारी किया गया है। संबंधित थाना क्षेत्र में चल रहे पिकअप वाहनों पर यह कोड अंकित कराया जा रहा है। इसके साथ ही चालक और वाहन मालिक का मोबाइल नंबर थानों में बनाए गए विशेष रजिस्टर में दर्ज किया जा रहा है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में वाहन और उसके उपयोगकर्ता तक तत्काल पहुंच बनाई जा सके।
रविवार को चलाए गए अभियान के तहत पनियहवा चौराहा, छितौनी चौराहा समेत प्रमुख स्थानों पर पिकअप वाहनों की सघन जांच की गई। जांच के दौरान कागजातों की पड़ताल के साथ-साथ हनुमानगंज थाना क्षेत्र के पिकअप वाहनों पर निर्धारित एचएन कोड अंकित कराया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कई मामलों में जब्त किए गए पिकअप वाहन किसी और के नाम पर पंजीकृत पाए गए थे, जबकि उनका उपयोग अवैध पशु तस्करी में किया जा रहा था। इसके अलावा अनेक वाहनों के चेसिस नंबर या वाहन नंबर स्पष्ट न होने के कारण पहचान में भी कठिनाई आती थी। कोड नंबरिंग की इस व्यवस्था से ऐसे मामलों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। थाना स्तर पर हलका इंचार्जों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र में संचालित पिकअप वाहनों को थाना परिसर में लाकर कोड अंकन कराएं। पुलिस का मानना है कि इस पहल से न केवल पशु तस्करी पर अंकुश लगेगा, बल्कि आम नागरिकों द्वारा दी गई सूचना के आधार पर भी वाहनों को आसानी से ट्रेस किया जा सकेगा।
पिकअप वाहनों पर कोड नंबर दर्ज कराने के लिए सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिए गए हैं। इससे यह पता चल सकेगा कि वाहन किन कार्यों में उपयोग हो रहा है। हर थाने का अलग-अलग कोड है, जिससे वाहन को आसानी से ट्रेस किया जा सकेगा।
-सिद्धार्थ वर्मा, एएसपी कुशीनगर