संतकबीरनगर। धनघटा क्षेत्र में एक व्यक्ति ने 63 एयर जमीन बेचने की प्रशासन से अनुमति ली और 66 एयर जमीन बेच दी। दूसरी बार जब वह जमीन बेचने की अनुमति लेने गया था तब जाकर इस मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद प्रशासन ने जांच करवाई।
जांच के बाद डीएम की कोर्ट ने तीन एयर जमीन को सरकार के खाते में निहित करने का आदेश जारी किया है। धनघटा क्षेत्र के सिरसी गांव के अनुसूचित जाति के चैतू ने सितंबर 2021 में 63 एयर जमीन बेचने के लिए डीएम से अनुमति मांगी और 66 एयर जमीन बेच दी। चैतू ने फिर एक बार 2024 में अपनी जमीन बेचने के लिए अनुमति मांगी तो डीएम न्यायालय ने इसकी जांच तहसीलदार धनघटा को सौंपी। तहसीलदार की जांच में पाया गया कि जब 2021 में 63 एयर जमीन बेचने की अनुमति दी गई थी लेकिन 66 एयर जमीन को बेच दिया गया।
तहसीलदार की रिपोर्ट पर डीएम महेंद्र सिंह तंवर की कोर्ट ने आदेश पारित किया है कि चैतू द्वारा गोविंद निवासी रामपुर खजनी गोरखपुर के नाम बेची गई जमीन में गोविंद कुमार का नाम निरस्त कर राज्य सरकार में निहित कर दिया जाए। इस आदेश के बाद फर्जी तरीके से जमीन बेचने वालों में हड़कंप है।