गोरक्षपीठ से जुड़े प्राचीन पंचमुखी शिव मंदिर सुंदरीकरण होगा
पर्यटन विभाग की ओर से 243.40 लाख का प्रस्ताव शासन को भेजा गया
यहां मल्टी परचज हाल, यज्ञशाला, धर्मशाला, गोशाला आदि विकास के कार्य कराए जाएंगे
संतकबीरनगर। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नगर पंचायत मेंहदावल के सुअरहवा में स्थित गोरक्षपीठ से जुड़े प्राचीन पंचमुखी शिव मंदिर/पक्का का सुंदरीकरण कराया जाएगा। इसके अलावा यहां अन्य विकास के कार्य भी कराए जाएंगे। मेंहदावल विधायक राकेश सिंह बघेल की पहल पर यहां के विकास के लिए डीएम की ओर से 243.40 लाख का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही यहां विकास के कार्य कराएं जाएंगे।
जनपद के उत्तरांचल में नगर पंचायत मेंहदावल के सुअरहवा में प्राचीन पंचमुखी शिव मंदिर है। यहां आकर भक्तों की मांगी गईं मुरादें पूरी होती हैं। यहां महाशिवरात्रि पर मेला लगता है। यहां श्रद्धालु जलाभिषेक करते हैं। मंदिर की महत्ता को देखते हुए पर्यटन के दृष्टिकोण से मंदिर को विकसित करने के लिए भाजपा विधायक राकेश सिंह बघेल ने पहल की। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अरविंद राय ने बताया कि पंचमुखी मंदिर/पक्का पोखरा मेंहदावल का पर्यटन विकास कराए जाने के लिए 243.40 लाख का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। परियोजना का आगणन यूपीसीएलडीएफ की ओर से तैयार किया गया है। यहां मल्टी परपज हाल एवं यज्ञशाला का निर्माण कराया जाएगा। इसके साथ ही धर्मशाला एवं गोशाला का निर्माण कार्य होगा। पंप हाउस एवं टयूबवेल का निर्माण कार्य, साइड डेवलपमेंट, सिटिंग बेंच ,इंटरलॉकिंग एवं सोलर लाइट लगवाई जाएगी। इसके साथ ही साइड डेवलपमेंट-हॉर्टिकल्चर एवं प्लांटेशन कार्य होगा। सीडीओ सुरेंद्र नाथ श्रीवास्तव ने बताया कि डीएम की ओर से प्रस्ताव शासन को गया है। उम्मीद है कि जल्द ही इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिल जाएगी। उसके बाद यहां विकास के कार्य कराएं जाएंगे।
एक दिन की सोंठ-हल्दी की बिक्री की आमदनी से बनवाया था पंचमुखी मंदिर
मेंहदावल कस्बे के बर्तनहिया मोहल्ले के रहने वाले आशुतोष जायसवाल, अवनींद्र जायसवाल, पंकज जायसवाल और नीरज जायसवाल ने बताया कि उनके परदादा स्वर्गीय रामधन सेठ प्रतिदिन सुबह घूमने लिकलते थे। उसी दौरान एक दिन काफी संख्या में बैलगाड़ियों से छोटे व्यापारी अपने सामान को लाद कर ले जा रहे थे। परदादा ने जब बैलगाड़ी पर लदे सामान के बारे में पूछताछ की तो छोटे व्यापारियों ने नाराजगी जाहिर की। छोटे व्यापारियों ने तंज कसते हुए कहा कि क्या पूरा सामान खरीदेंगे। उसके बाद परदादा स्वर्गीय रामधन सेठ ने सभी बैलगाड़ियों पर लदी हल्दी और सोंठ खरीद ली। बाद में खरीदी गई हल्दी और सोंठ की दर बाजार में दोगुना हो गई। परदादा ने इसे भगवान शिव की कृपा से होना माना। हल्दी-सोंठ बेचकर परदादा ने मुनाफे की रकम से अपनी जमीन में वर्ष 1811 में पंचमुखी शिव मंदिर बनवाने के साथ ही भव्य पोखरा खुदवाया था। पांच साल पहले मंदिर की समुचित देखरेख के लिए गोरखनाथ मंदिर को दान कर दिया गया। यहां पूर्व में नगर पंचायत की ओर से भी विकास कार्य कराया गया था। पंचमुखी मंदिर भक्तों के लिए आस्था का केंद्र है। प्रत्येक शिवरात्रि पर यहां मेला लगता है। वहीं, पंचमी के दिन भक्तों की भीड़ जुटती है। मंदिर के व्यवस्थापक साहब सिंह बताते हैं कि वर्तमान में यह मंदिर गोरक्षपीठ की संपत्ति है। इसकी देखरेख के लिए पुजारी व व्यवस्थापक गोरखनाथ मंदिर से नियुक्त किए गए हैं।
इस संबंध में डीएम ने दिव्या मित्तल ने बताया कि पर्यटन के दृष्टिकोण से ऐतिहासिक पंचमुखी शिव मंदिर और पक्का पोखरा के सुंदरीकरण कार्य के लिए प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। इसकी स्वीकृति के लिए शासन ने पहल भी की है। उम्मीद है कि अतिशीघ्र ही प्रस्ताव को स्वीकृति मिल जाएगी। उसके बाद यहां विकास के कार्य कराए जाएंगे।