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पशु शेड बनवा कर खोल ली किराने की दुकान

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र्सया बाजार में पशु शेड में संचालित हो रही किराने की दुकान।संवाद - फोटो : KHALILABAD
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पशु शेड बनवा कर खोल ली किराने की दुकान
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रोसया बाजार में 14 ऐसे लाभार्थियों को दिए गए पशु शेड, जिनके पास पशु नहीं
न जांच न पड़ताल, जिम्मेदारों ने मनमाने तरीके से बांट दिए पशु शेड
धनघटा। विकास खंड पौली की ग्राम पंचायत रोसया बाजार में 14 ऐसे लोगों को पशुपालन के लिए पशु शेड योजना का लाभ दे दिया गया है जो पशु पालन करते ही नहीं हैं। पशु शेड बनवा कर कुछ लोग किराने की दुकान खोल लिए तो कुछ अन्य व्यावसायिक कार्यों में पशु शेड का प्रयोग कर रहे हैं। प्रकरण संज्ञान में आते ही सीडीओ ने टीम गठित करके विस्तृत जांच कराए जाने की बात कही है।
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शासन की मंशा है कि पशुपालन को बढ़ावा दिया जाए। मनरेगा योजना से पशुपालकों के लिए पशु शेड बनाए जाने का प्रावधान है। प्रति पशुशेड 80 से 90 हजार रुपये लाभार्थियों को दिए जाते हैं। पौली ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत रोसया बाजार में पंचायत चुनाव के दौरान 34 लाभार्थियों को पशु शेड योजना का लाभ दिया गया। इसमें 14 से अधिक ऐसे लोगों को पशु शेड योजना का लाभ दिया गया जो पशु पालन करते ही नहीं हैं। वर्तमान में पशु शेड बनवा कर लोग उसमें व्यावसायिक कार्य कर रहे हैं। इसमें कुछ लोगों ने तो किराने की दुकान खोल रखी है। ग्रामीण बताते हैं कि जिस समय इन लोगों का पशु शेड स्वीकृत किया गया था, उस समय भी इन लोगों के पास पशु नहीं थे। जिम्मेदारों ने बगैर जांच किए ही इन्हें पशु शेड योजना का लाभ दे दिया। आनन-फानन लोगों ने पशु शेड का निर्माण भी करा दिया गया। पशु शेड का निर्माण होने के बाद उक्त लोग उसमें किराना आदि की दुकान संचालित कर रहे हैं। बीडीओ अमरेश सिंह चौहान ने बताया कि सरकार की ओर से बनवाए गए पशु शेड में पशु पालने के अलावा कोई भी दूसरा कार्य नहीं किया जा सकता है। यदि कहीं पर पशु शेड में किराने की दुकान संचालित होती हुई पाई गई तो कार्रवाई की जाएगी। जबकि डीसी मनरेगा उमाकांत त्रिपाठी ने कहा कि यह तो योजना के साथ मजाक है। यदि ऐसा है तो जांच करा कर संबंधित दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। इस संबंध में सीडीओ सुरेंद्रनाथ श्रीवास्तव ने कहा कि पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए शासन की ओर से पशु शेड योजना चलाई गई है। इसका उद्देश्य है कि गरीब तबके के पशुपालकों को पशुओं को सुरक्षित रखने के लिए पशु शेड योजना का लाभ मिले। यदि पशु शेड लेकर लोग व्यावसायिक प्रयोग कर रहे हैं तो गलत है। इसकी जांच के लिए टीम गठित की जाएगी। जांच के बाद संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई होगी। संवाद
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