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आरटीपीसीआर लैब सिर्फ इमरजेंसी जांच तक सीमित

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आरटीपीसीआर लैब सिर्फ इमरजेंसी जांच तक सीमित
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लैब में जांच की क्षमता मात्र 20 सैंपल तक, कैसे आएगी कोरोना जांच में तेजी
अब भी गोरखपुर और लखनऊ भेजे जा रहे आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिले में खुली कोरोना की आरटीपीसीआर लैब की क्षमता मात्र 20 सैंपल तक सीमित है। ऐसे में सिर्फ कोरोना की इमरजेंसी जांच ही हो पा रही है। अब भी गोरखपुर और लखनऊ में आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल भेजा जा रहा है। इससे लोगों को कोरोना जांच की रिपोर्ट के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा।
कोरोना की पहली और दूसरी लहर के दौरान काफी संख्या में कोरोना की आरटीपीसीआर जांच लखनऊ और गोरखपुर सैंपल भेजकर कराई जा रही थी। इससे लोगों को जांच रिपोर्ट मिलने में एक सप्ताह का समय लग जा रहा था। विदेश जाने और अन्य प्रदेशों में जाने पर कोरोना की आरटीपीसीआर जांच जरूरी हो गई है। जांच रिपोर्ट देरी से आने पर लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इसके बाद शासन ने जिले में कोरोना की आरटीपीसीआर जांच के लिए लैब खोलने के निर्देश दिए थे। सीएचसी खलीलाबाद के आंख अस्पताल के आधे भवन को अधिकृत कर वहां पर कोरोना जांच लैब का निर्माण कराया गया। लैब का उद्घाटन सीएम योगी आदित्यनाथ ने 21 नवंबर को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए किया था। लैब शुरू होने पर लोगों की उम्मीद जगी थी कि अब कोरोना की जांच रिपोर्ट पांच घंटे में ही मिल जाएगी, लेकिन लैब शुरू हुए एक सप्ताह से ऊपर हो गए, लैब में जांच की क्षमता मात्र 20 सैंपल तक ही सीमित है। उद्घाटन के बाद अब तक 263 लोगों की कोरोना आरटीपीसीआर जांच हुई है। उसकी रिपोर्ट भी तैयार कर सीएमओ को भेजी जा चुकी है। जबकि प्रतिदिन 500 से 600 सैंपल लोगों के लिए जा रहे हैं और उन्हें जांच के लिए गोरखपुर और लखनऊ लैब में भेजा जा रहा है। यहां पर सिर्फ इमरजेंसी यानी ऑपरेशन आदि के मरीज का ही सैंपल लेकर जांच की जा रही है और उसे रिपोर्ट दी जा रही है।
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कोट
कोरोना लैब में आरटीपीसीआर जांच की क्षमता 20 सैंपल तक ही है। इसमें इमरजेंसी मरीजों की जांच को प्राथमिकता दी जा रही है। फिर भी प्रयास रहता है कि 30 सैंपल तक जांच करा ली जाए। अन्य जो सैंपल होते हैं उन्हें गोरखपुर और लखनऊ जांच के लिए भेजा जाता है। कुछ और मशीनें आनी हैं, जिसके बाद सैंपल जांच की क्षमता बढ़ जाएगी और लोगों को इसका लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।
-डॉ. मोहन झा, अपर सीएमओ
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