फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संक्रामक रोगों की होगी ऑनलाइन निगरानी, होगा त्वरित नियंत्रण

विज्ञापन
विज्ञापन
संक्रामक रोगों की होगी ऑनलाइन निगरानी, होगा त्वरित नियंत्रण
विज्ञापन

संक्रामक रोगों को नियंत्रित करने के लिए आईएचआईपी पोर्टल बनाया गया
डाटा एंट्री के लिए प्रशिक्षित किए गए हैं स्वास्थ्य अधिकारी व कर्मी
पुनीत कुमार मिश्र
संतकबीरनगर। इंटीग्रेटेड हेल्थ इंफार्मेशन प्लेटफार्म (आईएचआईपी) के माध्यम से 33 प्रकार के संक्रामक रोगों की ऑनलाइन रोकथाम होगी। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी है। सीएमओ कार्यालय में पिछले दिनों इससे संबंधित स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित भी किया जा चुका है।
एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम के तहत आईएचआईपी पोर्टल लांच किया गया है। अभी तक नोटिफाई बीमारियों का सर्वे कागजों में दर्ज होता रहा है, जिसमें कई बार अधूरी और अपुष्ट जानकारी रहती थी। आईएचआईपी पोर्टल पररियल टाइम एंट्री से सही डाटा मिलेगा। पोर्टल पर रोगी का नाम, पता, सब सेंटर और वह किस सीएचसी व पीएचसी से संबंधित है, सारी जानकारी अपलोड की जाएगी। बीमारी का डाटा ऑनलाइन होगा और जिला स्तरीय टीम उसे नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई शुरू कर देगी। अपरमुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ मोहन झा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के ब्लाक स्तरीय चिकित्सालयों के स्वास्थ्य कर्मचारियों को पोर्टल पर डाटा अपडेट करने का तरीका बताया गया है। इसमें सब सेंटर के आधार पर गांव की मैपिंग का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। भविष्य में प्लेटफार्म को अपडेट कर कैंसर, डायबिटीज और बीपी जैसी बीमारियों का डाटा भी फीड किया जाएगा। डाटा एंट्री आपरेटर शुभम राय ने बताया कि उन्हें इस मामले में प्रशिक्षित किया गया है। प्रशिक्षण के दौरान नवीनतम जानकारियां प्राप्त हुई हैं।
विज्ञापन

इन बीमारियों के डाटा होगा ऑनलाइन
एपीडेमियोलाजिस्ट (जिला महामारी रोग विशेषज्ञ) डॉ मुबारक अली ने बताया कि इसके तहत हेपेटाइटिस, डायरिया, टायफाइड, मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, डिप्थीरिया, चिकन पॉक्स, रेबीज, काला अजार, टिटनेस, चर्म रोग, खसरा, टीबी, येलो फीवर, इंफ्लुएंजा और एचआइवी समेत अन्य 33 प्रकार के संक्रामक रोगों का डाटा ऑनलाइन किया जाएगा।
बीमारी होने का भी चलेगा पता
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ आरपी मौर्या ने बताया कि नोटिफाइड डिजीज के सर्वे का काम अभी तक मैनुअल होता है। एएनएम घर-घर जाकर सर्वे करती हैं। अब एएनएम को सर्वे के दौरान रोगी का आंकड़ा तत्काल पोर्टल पर अपलोड करना होगा। इससे हेल्थ वर्करों की निगरानी भी सुनिश्चित हो जाएगी। बीमारी के फैलाव का पता लगेगा। पहले फार्म में जानकारी होने से इसका पता लगने में परेशानी होती थी। पोर्टल पर अलर्ट ऑॅप्शन है। ज्यादा संख्या में रोगी मिलने पर पोर्टल जानकारी देगा। जिसके बाद बीमारी से बचाव व रोकथाम के लिए रैपिड रिस्पांस टीम सतर्क हो जाएगी।
विज्ञापन

एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम के तहत आईएचआईपी पोर्टल बनाया गया है। जिसमें 33 प्रकार की बीमारियों का डाटा रखा जाएगा। इससे मरीजों के बीमारी को ऑनलाइन देखा जा सकेगा। इसके लिए स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित भी किया जा चुका है। जल्द ही इस पर कार्य शुरू हो जाएगा।
डॉ इंद्रविजय विश्वकर्मा, सीएमओ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें