संतकबीरनगर। जिले में क्षय रोग पर काबू पाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने रेजिमन से मरीजों के उपचार की व्यवस्था शुरू की है। पहले एमडीआर यानि जटिल टीबी मरीजों का उपचार नौ से 27 महीने तक चलता था, लेकिन अब बीपाल एम रेजिमेन के जरिए महज छह महीने में मरीज को बीमारी से मुक्ति मिल जाएगी। जिले में एक मरीजों का इस विधि से उपचार चल रहा है।
जिले में करीब 1700 टीबी मरीजों का उपचार चल रहा है। इसमें से 50 टीबी के जटिल मरीज हैं। टीबी मुक्त अभियान में 162 गांव टीबी मुक्त हो चुके हैं। इन गांवों को प्रशासन की ओर से दो साल पहले ही टीबी मुक्त गांव घोषित कर दिया है।
जिले में टीबी की जांच सभी सीएचसी और जिला अस्पताल पर उपलब्ध है। इसके साथ ही गांव-गांव टीबी रोगी खोजा अभियान भी चलाया जा चुका है।