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Sant Kabir Nagar News: धनघटा में बाढ़ से नौ गांव घिरे, 800 एकड़ फसल डूबी

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पौली के पड़रिया गांव के घरों तक पहुंचा पानी। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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धनघटा/ रोसया बाजार/ मेंहदावल। जिले में सरयू के जलस्तर में वृद्धि जारी है। धनघटा में सरयू बिड़हर घाट पर लाल निशान के करीब पहुंच गई है। बुधवार को नदी का पानी बढ़ते हुए 79.400 के सापेक्ष 79.300 मीटर पर पहुंच गया। 24 घंटे में नदी का जलस्तर 79.150 से बढ़कर 79.300 पर पहुंच गया। नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी होने से इलाके की करीब 800 एकड़ फसल डूब गई है। सियरकला में रास्ता कटने के कारण लोगों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। दूसरी ओर मेंहदावल में राप्ती के जलस्तर में दो सेंटीमीटर की कमी आई है।
धनघटा में चार दिन से सरयू के जलस्तर में तेजी के साथ बढ़ोतरी हो रही है। नदी का पानी बढ़ने से एमबीडी बांध और नदी के बीच में बसने वाले 32 गांवों पर बाढ़ का संकट है। मंगलवार की रात गायघाट दक्षिणी, चकदहा, सुअरहा, सियरकला, दौलतपुर, खालेपुरवा, पटौआ, आगापुर गुलरिहा, ढोलबजा गांव में बाढ़ का पानी घुस गया।
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अभी तक ग्रामीणों ने घर से पलायन नहीं किया है लेकिन लोगों को आने-जाने के लिए तहसील प्रशासन ने चार नाव लगा दी है। ग्रामीण रामसिंह, राम सजन, लालजी, मुन्नर, रामसेवक, रमाकांत, राधेश्याम आदि ने कहा कि खेत में पानी भर गया है, जिससे पशुओं के चारा का संकट खड़ा हो गया है। दरवाजे पर बाढ़ का पानी चढ़ जाने के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अभी कहीं पर नाव की जरूरत नहीं है, लेकिन कभी भी जरूरत पड़ सकती है। गांव वालों का कहना है कि इसी तरह नदी के पानी में बढ़ोतरी होती रही तो घर से पलायन करना मजबूरी हो जाएगी। बाढ़ का पानी घुसने के कारण प्राथमिक विद्यालय केवटहिया टोला, सियर कला, भौवापार, गायघाट दक्षिणी में पठन पाठन ठप हो गया है।
खंड शिक्षा अधिकारी ज्ञानचंद मिश्रा ने बताया कि बच्चों को अन्यत्र जगह पढ़ने की व्यवस्था की जा रही है। तहसीलदार रामजी ने बताया कि जहां जरूरत पड़ रही है वहां नाव लगाई जा रही है। अभी तक कहीं पर आबादी प्रभावित होने की सूचना नहीं है। राजस्व कर्मी बंधे पर रहकर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
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पौली में चार गांव पानी से घिरे
रोसयाबाजार। विकास खंड पौली में सरयू के जलस्तर में लगातार वृद्धि से पड़रिया गांव का 30 घरों का केवटाही पुरवा, नकहा का 20 घरों की बस्ती, 200 घरों का नरायनपुर गांव, छपरा मगर्वी गांव का लगभग 80 घरों का कुर्मी टोला पानी से घिर गया है। वहीं भोतहा, हरिवंशपुर, नकहा, तेजपुर, माझाखड़गपुर सहित एक दर्जन क्षेत्र के गांवों की लगभग 800 एकड़ फसल डूब गई है, जिससे पशुओं के चारे का भी संकट खड़ा हो गया है। बाढ़ प्रभावित गांवों के ग्रामीणों में योगेंद्र प्रसाद निषाद, रामअज्ञा निषाद, इंद्रेश निषाद, झिनकान, बृजभान, बहादुर, लालमन, वीरेंद्र, संत राम, पिंटू, महेंद्र, कल्लू, अजय, लालजी, दिनेश, पुजारी, परसुराम, विनोद, अशोक, रामसुमेर सहित तमाम लोगों का कहना है कि कई दिनों से खेतों में बाढ़ का पानी भरने से मक्का, अरहर, धान, परवल की खेती बर्बाद हो गई है।
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सियरकला-एमबीडी बांध से जोड़ने वाला वैकल्पिक मार्ग बहा
लोहरैया। क्षेत्र में एमबीडी बांध से जोड़ने वाली क्षतिग्रस्त पुलिया का निर्माण न होने का खामियाजा अब ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। बुधवार को सरयू का जलस्तर बढ़ने के साथ नदी के पानी का दबाव बढ़ा तो पुलिया के बगल से बनाया गया बालू का वैकल्पिक मार्ग भी तेज धारा में बह गया। मार्ग के बहने से सियरकला के ग्रामीणों का एमबीडी बांध तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। अब ग्रामीणों को आवागमन के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। बताया जाता है कि सियरकला और एमबीडी बांध को जोड़ने वाली पुलिया वर्षों से क्षतिग्रस्त थी। नाव से आए गायघाट निवासी रामभजन और राजेंद्र तथा सियरकला निवासी राहुल और नीरज ने बताया कि वैकल्पिक रास्ता बह जाने से ग्रामीणों की परेशानियां और बढ़ गई हैं।

नाव उपलब्ध कराने की मांग
लोहरैया। सियरकला, गायघाट पूरी तरह बाढ़ के पानी की चपेट में आ गया है। आसपास के रास्तों पर घुटनों तक पानी भर जाने से ग्रामीणों को इसी पानी से होकर गांव से बाहर निकलना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से बाढ़ की स्थिति पर नजर रखने, आवागमन के लिए सुरक्षित व्यवस्था कराने तथा जरूरत पड़ने पर नाव उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते आवश्यक इंतजाम नहीं किए गए तो आने वाले दिनों में परेशानी और बढ़ सकती है।
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मेंहदावल में राप्ती के जलस्तर की निगरानी जारी
मेंहदावल। राप्ती के जलस्तर में दो दिनों से बढ़ोतरी के बाद अब पानी घटने का क्रम शुरू हो गया है। दो दिनों में राप्ती एक मीटर 66 सेंटीमीटर पर थी। बुधवार को नदी का जलस्तर 76. 66 मीटर पर पहुंच गया। बुधवार की शाम 5:00 बजे नदी के जलस्तर में दो सेंटीमीटर की कमी आई है। फिर भी विभागीय अधिकारी मौके पर कैंप कर रहे हैं। जलस्तर की निगरानी हो रही है।

जलस्तर घटने का क्रम शुरू हो गया है। दो-तीन दिनों में नदी का जलस्तर नीचे आ जाएगा। तटबंध पूरी तरह से सुरक्षित है। जलस्तर की निगरानी कराई जा रही है।
-मनीष राय, सहायक अभियंता
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