- नगर पंचायत मगहर के वार्ड नंबर 12 का मामला
- अपर जिला जज प्रथम की कोर्ट ने सुनाया फैसला
- अंजू वर्मा की पुर्नमतगणना याचिका निरस्त
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। नगर पंचायत मगहर के वार्ड नंबर 12 के सदस्य पद पर नगर निकाय का चुनाव 2023 संपन्न हुआ था। जिसमें नजमुस्सेहर ने छह मतों से अंजू वर्मा को पराजित कर वार्ड नंबर 12 की सभासद घोषित हुई थीं। इस पर आपत्ति जताते हुए याचिकाकर्ता अंजू वर्मा ने पुर्नमतगणना की अपील कोर्ट में की थी। जिस पर अपर जिला जज प्रथम की कोर्ट ने सुनवाई के बाद पुर्नमतगणना की याचिका निरस्त कर दी।
वार्ड में कुल मतों की संख्या 1142 थी। 11 और 13 मई को मतगणना हुई। मतदान के बाद मतपेटिका को प्रत्याशियों के अभिकर्ताओं के सामने सील बंद किया गया। याचिकाकर्ता के पति त्रिलोकी नाथ वर्मा ने कहा था कि सील बंद करते समय मतों की संख्या 809 थी। मतगणना के दिन वार्ड नंबर 12 की मतपेटिका में कुल 825 मतों की गणना करके परिणाम घोषित किया गया। याचिकाकर्ता अंजू वर्मा का आरोप था कि 809 मत के स्थान पर825 मत की गणना कर छह मतों से याचिकाकर्ता को हरा दिया गया।
चुनाव परिणाम के खिलाफ अंजू वर्मा ने जिला जज के न्यायालय में याचिका दाखिल किया और कोर्ट में याचना किया कि वार्ड नंबर 12 नगर पंचायत मगहर के मतों की पुनर्मतगणना 809 मतों की कराकर नजमुस्सेहर के पक्ष में घोषित चुनाव परिणाम को निरस्त कर याचिकाकर्ता को इस वार्ड से सभासद घोषित किया जाए।
अपर जिला जज प्रथम रमेश दुबे की कोर्ट में सुनवाई के दौरान अंजू ने अपना बयान अंकित कराया और विपक्षी नजमुस्सेहर के बयान और गवाहों ने गवाही की। कोर्ट ने माना कि याचिकाकर्ता ने संतोषजनक साक्ष्य साबित नहीं किया है और अध्यक्ष पद पर पड़े मतों के आधार पर वार्ड नंबर 12 के सदस्यों के मतों को निर्धारित नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने अंजू वर्मा की चुनाव याचिका निरस्त कर दी।