जिला अस्पताल में महिला को परामर्श देते चिकित्सक।
संतकबीरनगर। माइग्रेन, सामान्य सिरदर्द से अलग और कहीं अधिक समस्या कारक होता है। इसमें होने वाले दर्द की समस्या आपको व्याकुल कर सकती है। सिरदर्द के साथ उल्टी-मिचली का एहसास कराने वाला हो सकता है।
हालांकि ज्यादातर मामलों में माइग्रेन का अटैक कुछ घंटों में ठीक भी हो जाता है। हालांकि माइग्रेन को नजरंदाज न करें, यह खतरनाक हो सकता है।
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. माज फारुखी बताते हैं कि वर्तमान समय में जिला अस्पताल में प्रतिदिन 10 से 12 लोग माइग्रेन से प्रभावित होकर आ रहे हैं।
माइग्रेन एक प्रकार का साइकोसोमेटिक डिसऑर्डर भी है, जिसका मतलब है कि संभव है कि ये आपके मानसिक स्वास्थ्य में होने वाली किसी समस्या के कारण हो रहा हो। इसलिए अगर आपको अक्सर माइग्रेन होता रहता है तो इस बारे में गंभीरता से ध्यान देना और उपचार आवश्यक है। कुछ गंभीर स्थितियों में माइग्रेन का अटैक जानलेवा समस्याओं का भी कारण हो सकती है।
माइग्रेन स्ट्रोक अचानक आ सकता है और यह एक आपात स्थिति है। इसलिए अगर आपको अक्सर माइग्रेन की समस्या बनी रहती है तो अपने स्ट्रोक के जोखिमों को कम करने के उपाय करें। स्ट्रोक को जानलेवा समस्या माना जाता है।