संवाद न्यूज एजेंसी
मगहर। नगर पंचायत मगहर की बोर्ड बैठक में बुधवार को 16 सदस्यों में से छह सदस्य ही पहुंचे। ऐसे में कोरम पूर्ति के अभाव में बैठक स्थगित कर दी गई।
नगर पंचायत के सभागार में चेयरमैन संगीता वर्मा व अफसर बैठक के लिए सदस्यों का इंतजार करते रहे। लेकिन बैठक में सिर्फ छह सदस्य कलावती देवी, शाईमा खातून, मो असअद अंसारी, भोलू पासवान और मनोनीत सदस्य त्रिलोकी नाथ वर्मा व अतुल श्रीवास्तव बैठक में शामिल हुए। ईओ ज्योतिमा वर्मा ने कोरमपूर्ति के अभाव में बैठक स्थगित कर दी।
तिवारी टोला वार्ड की सदस्य लीलावती देवी के पुत्र राजमणि का कहना है कि पिछले चार साल से बोर्ड की बैठक में सभासद के स्थान पर प्रतिनिधि को बैठने की अनुमति दी गई थी। इस बार प्रतिनिधि को बैठक में शामिल नहीं होने दिया गया। माता का स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण बैठक में शामिल नहीं हो सकीं। सभासद राजाराम ने बताया कि बोर्ड की बैठक में शामिल होने के लिए सभागार में गए। इसी दौरान एक कर्मचारी के द्वारा अभद्र व्यवहार से क्षुब्ध होकर बैठक से बाहर चले गए। मनोनीत सभासदों में त्रिलोकी नाथ वर्मा, अतुल कुमार श्रीवास्तव, कमलावती देवी हैं। बोर्ड की बैठक में सिर्फ त्रिलोकी नाथ वर्मा, अतुल कुमार श्रीवास्तव शामिल हुए। इनका कहना है कि शासन से मनोनयन होने के बाद उनका जून 2020 में शपथ ग्रहण हुआ है। उसके बाद से कई बैठकें हुईं, लेकिन मनोनीत सभासदों को बैठक में नहीं बुलाया गया। सिर्फ मार्च 21 में होने वाली बैठक में एक बार बुलाया गया। कई महीने बाद पुन: बुधवार की बोर्ड की बैठक बुलाई गई, कुछ लोगों के द्वारा साजिश के तहत स्थगित करने का कुचक्र रचा गया। जिसकी शिकायत शासन स्तर तक की जाएगी।
एक मनोनीत व नौ निर्वाचित सदस्य रहे गैरहाजिर
बैठक में नगर पंचायत सदस्य राजा राम, संतोष साहनी, महेंद्र निषाद, सिब्तैन मुस्तफा, रूही बेगम, लीलावती देवी, इसरावती देवी, कमलावती देवी, मेहंदी हसन उर्फ पप्पू बोर्ड की बैठक से गैर हाजिर रहे।
गैरहाजिर सदस्य विकास के प्रति गंभीर नहीं , मांगा जाएगा स्पष्टीकरण
नगर पंचायत मगहर की चेयरमैन संगीता वर्मा ने कहा कि बोर्ड की बैठक के लिए सभी तेरह सदस्यों एवं तीन मनोनीत सदस्यों को सूचित किया गया था। इसके बावजूद भी कुछ सदस्य गोलबंद हो कर बैठक में शामिल नहीं हुए। बैठक में शामिल न होने वाले सदस्यों से नगर निकाय एक्ट के तहत लिखित रूप से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। उन्होनें कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि अनुपस्थित सदस्य नगर के विकास के प्रति गंभीर नहीं हैं। कुछ सदस्यों द्वारा षड्यंत्र कर बैठक को असफल बनाए जाने का प्रयास किया गया है।