संतकबीरनगर। कुष्ठ रोग को जड़ से समाप्त करने के लिए आगामी 30 जनवरी से वृहद जागरूकता अभियान के साथ ही कुष्ठ रोगी खोजने का अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान विभिन्न प्रचार माध्यमों के जरिए लोगों को जागरूक किया जाएगा। यह असाध्य बिल्कुल नहीं है तथा समय से इलाज करके इसे ठीक किया जा सकता है।
यह जानकारी देते हुए जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डॉ. वीपी पाण्डेय ने बताया कि कुष्ठ रोग पूरी तरह से साध्य है। समय से इलाज करने पर इससे न सिर्फ मुक्ति मिल जाती है, बल्कि दिव्यांगता से भी बचा जा सकता है। समय से इलाज न होने पर कुष्ठ रोग के असाध्य हो जाने का खतरा है। कुष्ठ रोग के लिए सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर मुफ्त इलाज की सुविधा है। यह पूरी तरह से ठीक हो सकता है, इसलिए कुष्ठ रोगी से भेदभाव बिल्कुल न करें।
कुष्ठ रोग माइक्रो वैक्टीरियम लेप्रे नामक जीवाणु से होता है। यह साथ खाने, उठने या बैठने से नहीं फैलता है। यह आनुवांशिक एवं छुआछूत का रोग नहीं है। समय से जांच और उपचार कराने से दिव्यांगता से भी बचा जा सकता है। उन्होंने बताया कि सरकार की तरफ से कुष्ठ रोगियों को 2500 रुपये मासिक पेंशन दिया जाता है। साथ ही निशुल्क दवाएं व अन्य सुविधाएं भी दी जाती हैं।
जनपद में 33 कुष्ठ रोगी, 41 हो चुके स्वस्थ : जिला कुष्ठ रोग अधिकारी ने बताया कि जनपद में वर्तमान में 33 कुष्ठ रोगी हैं। सभी का इलाज चल रहा है। 74 कुष्ठ रोगी पिछले साल खोजे गए थे, जिनमें 41 का इलाज पूरा हो गया है और अब वे पूरी तरह से स्वस्थ हैं। उनको समय-समय पर दवा देने के साथ ही साथ फालोअप भी किया जाता है।