नहीं दर्ज हो रही प्रेरणा पोर्टल पर छात्राओं की उपस्थिति
बिना सूचना दर्ज किए छात्राओं के मद का हो रहा भुगतान
शासन ने जताई नाराजगी, भुगतान रोकने की दी चेतावनी
संतकबीरनगर। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में अधिकारियों की लापरवाही थम नहीं रही है। छात्राओं की हाजिरी प्रेरणा पोर्टल पर दर्ज नहीं की जा रही है। इसके साथ ही छात्राओं के भोजन व अन्य मद में मिलने वाले धन का भुगतान भी हो रहा है। मामला शासन के संज्ञान में आया तो बीएसए को नोटिस जारी करते हुए छात्राओं की पूरी उपस्थिति प्रेरणा पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही चेतावनी भी दी है कि अगर बिना प्रेरणा पोर्टल पर सूचना के दर्ज हुए भुगतान किया गया तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।
जिले में सात कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय संचालित हैं। हर विद्यालय में 100 छात्राओं की सीटें निर्धारित हैं। हैंसर, खलीलाबाद, मेंहदावल, बघौली, सांथा, नाथनगर, सेमरियावां ब्लॉक में विद्यालय चल रहे हैं। इधर, कोरोना काल की वजह से विद्यालय बंद थे। 24 अगस्त से विद्यालय खोले गए हैं। शासन की ओर से बने प्रेरणा पोर्टल पर छात्राओं के साथ ही शिक्षकों की उपस्थिति आदि रोजाना दर्ज किए जाने का प्रावधान है। शासन ने निर्देश जारी किया था कि प्रेरणा पोर्टल पर प्रतिदिन छात्राओं की उपस्थिति दर्ज की जाए। उसी के अनुसार छात्राओं के मद में मिलने वाले धन का भुगतान हो सकेगा। जिले के कस्तूरबा विद्यालयों में आदेश का पालन नहीं हो पा रहा है। यहां किस विद्यालय में कितनी छात्राएं आईं हैं और कितने छात्राओं के भोजन, कपड़ा व अन्य सामग्री के मद का भुगतान हो रहा है। इसकी कोई भी सूचना प्रेरणा पोर्टल पर दर्ज नहीं हो रही है। अपर परियोजना निदेशक सरिता तिवारी ने निर्देश जारी कर कहा है कि छात्राओं की उपस्थिति प्रतिदिन प्रेरणा पोर्टल पर दर्ज की जाए। उसी के अनुसार संबंधित मदों का भुगतान किया जाए। इसमें अगर लापरवाही बरती जाएगी तो जिला समन्वयक बालिका शिक्षा व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी होंगे और उन पर कार्रवाई की जाएगी। (संवाद)
मार्च में भी बिना सूचना के हो गया था 48 लाख का भुगतान
संतकबीरनगर। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में लगातार अनियमितता प्रकाश में आ रहा है। मार्च माह में भी बिना प्रेरणा पोर्टल पर सूचना दर्ज किए छात्राओं के मद में 48 लाख रुपये का भुगतान कर लिया गया था। उस समय यह मामला शासन स्तर पर पहुंचा था और काफी हो-हल्ला हुआ था। इसकी सीडीओ के नेतृत्व में गठित कमेटी ने जांच की थी। बाद में मामले में लीपापोती कर दी गई थी।
कोट
मामला संज्ञान में है। कुछ दिक्कतों की वजह से प्रेरणा पोर्टल पर सूचनाएं दर्ज नहीं हो पाईं थीं। कस्तूरबा की सभी वार्डेन और लेखाकार को निर्देश दिए गए हैं कि छात्राओं की उपस्थिति प्रतिदिन प्रेरणा पोर्टल पर दर्ज की जाए। इसकी लगातार निगरानी की जा रही है। इसमें लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
-गिरीश कुमार सिंह, डीआईओएस