सिर्फ छह प्रतिशत परिवार को मिला मनरेगा में 100 दिन का रोजगार
संतकबीरनगर। साल में 100 दिन रोजगार की गारंटी देने वाली मनरेगा का जिले में बुरा हाल है। अब तक छह प्रतिशत मजदूर परिवारों को ही 100 दिन का रोजगार दिया जा सका है। शासन ने 31 मार्च तक 34344 मजदूर परिवारों को 100 दिन का रोजगार देने का लक्ष्य तय किया है। सबसे खराब स्थिति खलीलाबाद और बेलहर कला ब्लॉक की है।
आयुक्त ग्राम्य विकास की ओर से वित्तीय वर्ष-2021 में प्रत्येक परिवार को मनरेगा में रोजगार देने की समीक्षा की गई। मनरेगा सॉफ्टवेयर पर उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में 112 89 लाख क्रियाशील परिवारों में से अब तक मात्र 1 44 लाख परिवारों को ही 100 दिन का रोजगार दिया जा सका है। समीक्षा में पाया गया कि प्रदेश में 7,70441 मनरेगा जॉबकार्ड धारक ऐसे हैं, जिन्होने वर्तमान वित्तीय वर्ष में 81-90 दिन तक मजदूरी की है। कोरोना संक्रमणकाल में वैसे भी अधिक से अधिक मजदूूरों को रोजगार देने के निर्देश हैं। 81 दिन से अधिक काम करने वालों को 100 दिन का रोजगार देने के लिए दो दिन के भीतर मस्टर रोल निर्गत किए जाए। जिले में 3,55,842 जॉबकार्ड धारक हैं। जबकि 146793 मजदूूर परिवारों के 181938 सदस्यों को रोजगार दिया गया है। 1952 परिवारों को 100 दिन का रोजगार दिया गया है। 13307 परिवार ऐसे हैं, जिन्हें 80 दिन से अधिक रोजगार दिया गया है। 6775 परिवार ऐसे हैं, जिन्हें 71 दिन से 80 दिन के अंदर रोजगार मिला है। 9331 परिवार ऐसे हैं, जिन्हें 60 दिन का रोजगार मिला है। 13819 परिवार ऐसे हैं, जिन्होंने 50 दिन तक मनरेगा में काम पाया है। शासन ने जिले में 34344 परिवारों को 100 दिन का रोजगार देने का लक्ष्य तया किया है। ब्लॉकवार 100 दिन का रोजगार देने का आंकड़ों के मुताबिक इसमें सबसे अधिक फिसड्डी खलीलाबाद ब्लॉक है। यहां एक प्रतिशत मजदूर परिवारों को ही 100 दिन का रोजगार दिया गया है। हैंसर बाजार ब्लॉक में पांच प्रतिशत, बेलहर कला में दो प्रतिशत, बघौली ब्लॉक में सात प्रतिशत, मेंहदावल में 11 प्रतिशत, नाथनगर और पौली में चार-चार प्रतिशत, सांथा में सात प्रतिशत और सेमरियावां में चार प्रतिशत परिवार को सिर्फ 100 दिन का रोजगार दिया गया है। डीसी मनरेगा राकेश कुमार ने बताया कि सभी ब्लॉकों को 100 दिन का रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित है। निर्देश है कि 31 मार्च तक लक्ष्य की पूर्ति करें, अन्यथा बीडीओ और एपीओ के खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।
इंसेट
ब्लॉकवार निर्धारित हुआ लक्ष्य
ब्लॉक 31 मार्च तक 100 दिन का रोजगार देने का लक्ष्य
बघौली 4077 श्रमिक परिवार
बेलहर कला में 2944 श्रमिक परिवार
हैंसर बाजार 4562 श्रमिक परिवार
खलीलाबाद 3133 श्रमिक परिवार
मेंहदावल 3754 श्रमिक परिवार
नाथनगर 5225 श्रमिक परिवार
पौली 2870 श्रमिक परिवार
सांथा 4123 श्रमिक परिवार
सेमरियावां 3656 श्रमिक परिवार
मनरेगा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन एवं गरीबी उन्मूलन के लिए संचालित प्रभावी योजना है। मनरेगा अधिनियम के तहत ग्रामीण परिक्षेत्र में निवास करने वाले इच्छुक परिवार को एक वित्तीय वर्ष में 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराने का प्राविधान है। जनपद में 34344 परिवारों को 100 दिन का रोजगार देने का लक्ष्य तय है। पूर्व में बैठक करके लक्ष्य हर हाल में पूरा करने के निर्देश बीडीओ व एपीओ को दिए गए हैं। लक्ष्य की पूर्ति नहीं होने पर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अतुल मिश्र, सीडीओ