संतकबीरनगर। उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान लखनऊ के जरिए संचालित संस्कृत भाषा शिक्षण कक्षा के अन्तर्गत रविवार को बौद्धिक सत्र का आयोजन गूगल मीट के जरिए हुआ। जिसमे जिले के संस्कृत प्रेमी शामिल हुए।
सत्र का सुभारम्भ प्रशिक्षु नारायण शुक्ल के मंगलाचरण से हुआ। संस्कृत भारती गोरक्ष प्रांत के प्रांत सह मंत्री नागेश दूबे संस्कृत की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संस्कृत भाषा देवभाषा है। समाज में बढ़ती कुप्रवृत्तियां संस्कृत पढ़ने से ही दूर हो सकती हैं। उन्होंने संस्कृत शिक्षा पर बढ़ावा देने पर जोर दिया। संस्कृत भाषा में आयुर्वेद के माध्यम से व्यक्ति निरोग हो जाता है। आयुर्वेद को समाज की मुख्य धारा में लाकर समाज को स्वस्थ समाज के निर्माण में सहयोग दिया जा सकता है। संस्कृत भाषा में और रोजगार के अवसर लाकर इसे आगे बढ़ाया जा सकता है। संस्थान के प्रशिक्षक रजनीश तिवारी ने संस्थान का इतिहास एवं स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। इस अवसर पर प्रशिक्षु राजन पांडेय, महेंद्र मिश्र, अनिल, प्रशिक्षक विनोद कुमार त्रिपाठी, समन्वयक राधा शर्मा, जिला प्रचारक राजीवनयन, सुनीता पांडेय, राहुल तिवारी, ज्योति तिवारी, सावन कुमार, दिनेश आदि मौजूद रहे।