संतकबीरनगर। फार्मर रजिस्ट्री नहीं होने पर इस बार किसानों को पीएम सम्मान निधि की 19वीं किश्त से वंचित होना पड़ सकता है। सभी किसानों के लिए फार्मर रजिस्ट्री कराना आवश्यक हो गया है। सूचना विभाग की ओर से जारी विज्ञप्ति के माध्यम से डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि प्रधानों को पत्र लिखकर कहा गया है कि कृषि विभाग के जरिए फार्मर रजिस्ट्री अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें किसानों का भूलेख विवरण दर्ज करते हुए गोल्डन कार्ड बनाया जाना है। इसके माध्यम से किसानों की अलग-अलग खतौनियों में दर्ज भूमि एक अभिलेख में अंकित हो जाएगी।
डीएम ने आगे बताया कि एक अभिलेख में भूमि अंकित होने के बाद किसानों को विभिन्न विभागों की योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। जैसे- किसान क्रेडिट कार्ड, लेवी पर धान-गेहूं की बिक्री करने की सुविधा, पशु पालन, उद्यान, मत्स्य पालन, उद्योग इत्यादि विभागों की योजनाओं में लाभ प्राप्त करने हेतु भूमि विवरण उपलब्ध कराए जाने में सहायता प्राप्त होगी।
उन्होंने बताया है कि अभी तक जनपद में कुल कृषक लक्ष्य 2,10,221 के सापेक्ष 19,353 कृषकों का गोल्डन कार्ड बनाया गया है। जो कि मात्र 10 प्रतिशत है। गोल्डेन कार्ड जनसुविधा केंद्र, किसान द्वारा स्वयं, सहायक अधिकारी द्वारा एवं कैम्प मोड में राजस्व विभाग द्वारा और कृषि विभाग व पंचायत विभाग की ओर से बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिला प्रबंधक जन सुविधा केंद्र को प्रत्येक दिन पांच से आठ हजार किसानों की फार्मर रजिस्ट्री करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी एसडीएम, बीडीओ, जिला कृषि अधिकारी, डीपीआरओ के प्रत्येक कर्मचारियों को 10-10 किसान प्रत्येक दिन जन सुविधा केंद्र एवं स्वयं द्वारा फार्मर रजिस्ट्री करने के लक्ष्य दिए गए हैं। प्रत्येक कृषि कर्मचारी, पंचायत सहायक, सचिव एवं लेखपाल को प्रतिदिन यह कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।