संतकबीरनगर। जिला मुख्यालय पर अनियोजित और अवैध काॅलोनियों पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने पहल की है। इसके तहत आवास विकास के जरिए काॅलाेनी विकसित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। आवास विकास परिषद और राजस्व विभाग के अधिकारी काॅलोनी की संभावनाओं को लेकर जमीन की तलाश में जुटे हुए हैं। इससे लोगों की उम्मीदें बढ़ी हैं कि इससे शहर का नियोजित विकास होगा और लोगों को सुविधाओं से लैस काॅलोनियों का लाभ मिलेगा।
वर्ष 1997 में जिले का सृजन हुआ। कलक्ट्रेट, विकास भवन, सीएमओ कार्यालय सहित अन्य विभागों के कार्यालय खुले। इसके साथ ही जिला मुख्यालय पर जमीन की खरीद कर बसने का सिलसिला शुरू हुआ, जो अब भी जारी है। इस बीच नगर पालिका परिषद का सीमा विस्तार हुआ तो आस-पास के 16 गांव शहर में शामिल हो गए। इससे आबादी बढ़कर करीब एक लाख से ऊपर पहुंच गई है।
वर्तमान में प्रापर्टी डीलर एग्रीमेंट के आधार पर किसानों की जमीन लेकर कालोनियां बना रहे हैं, लेकिन इन काॅलोनियों में सुविधाओं के नाम पर लोगों को कुछ नहीं मिल रहा है। इस तरह के करीब 50 से अधिक प्लांट हैं, जहां पर आवास उपलब्ध कराने का दावा किया जा रहा है, लोग इनके झांसे में आकर जमीन खरीद रहे हैं, लेकिन सुविधाएं न मिलने से निराश हो रहे हैं। नगर पालिका प्रशासन भी अनियोजित और अवैध काॅलोनियों तक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में नाकाम साबित हो रही है। न तो पेयजल की व्यवस्था हो जा रही है और न ही बिजली और सड़क बन पा रही है।
इस समस्या को देखते हुए प्रशासन ने शहर के नियोजित विकास के लिए पहल की है। इसके तहत शहर में आवास विकास काॅलोनी बनाने के लिए कदम उठाया गया है। डीएम आलोक कुमार ने इसके लिए संबंधित अधिकारियों की बैठक कर जमीन चिह्नित करने के लिए लगाया है। राजस्व विभाग के अधिकारी जमीन की तलाश में जुटे हुए हैं। इससे यह उम्मीद बढ़ी है कि जल्द ही आवास विकास काॅलोनी बनाने का रास्ता साफ हो जाएगा। इन काॅलोनियों में लोगों को तमाम सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। इससे शहर का नियोजित विकास होगा।
आवास विकास से फायदा
- शहर का अनियोजित विस्तार रुकेगा व नियोजित तरीके से काम होगा।
- प्रापर्टी डीलरों के मनमाने रवैये से छुटकारा मिलेगा तथा जालसाजी रुकेगी।
- अवैध तरीके से बन रही काॅलोनियों पर लगाम कसी जा सकेगी।
- रियायती दर पर लोगों को नियोजित काॅलोनी में आवास उपलब्ध होंगे।
क्या है लोगों की राय
शहर का नियोजित विकास जरूरी है। लोग जहां तहां जमीन खरीद कर काॅलोनी बना रहे हैं। यहां पर सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। प्रशासन ने आवास विकास काॅलोनी की पहल की है। इससे जहां अनियोजित काॅलोनियों पर अंकुश लगेगा वहीं आवास विकास काॅलोनी विकसित होने से बुनियादी सुविधाएं भी मिल सकेगी।
-दिलीप अग्रहरि, शहरवासी
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जिला सृजन के बाद शहर का दायरा लगातार बढ़ रहा है। इससे लोग जमीन खरीद कर आवास बना रहे हैं। प्रापर्टी डीलरों के झांसे में आकर तो आवास तो बना ले रहे हैं, लेकिन सुविधाओं से वंचित हैं। प्रशासन की पहल रंग लाई तो शहर का नियोजित विकास होगा।
-विनोद यादव, शहरवासी
शहर में आवास विकास काॅलोनी की मांग काफी अरसे से की जा रही है। अब प्रशासन ने इसके लिए पहल की है, जो सराहनीय है। आवास विकास काॅलोनी बनने के बाद लोगों को सुविधाओं से लैस काॅलोनी में रहने का लाभ मिलेगा।
-श्रवण अग्रहरि, शहरवासी
शहर के नियोजित विकास के लिए आवास विकास काॅलोनी की आवश्यकता है। इसके लिए प्रशासन ने सराहनीय पहल की है। आवास विकास काॅलोनी बनने से लोगों को लाभ मिलेगा और उनकी बुनियादी जरूरतें भी पूरी होंगी।
-राम कुमार सिंह, शहरवासी
कोट
जिला मुख्यालय पर आवास विकास काॅलोनी बनाने के लिए जमीन चिह्नित करने का प्रयास किया जा रहा है। जमीन उपलब्ध होने के बाद शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा। इसके बाद आवास विकास काॅलोनी विकसित की जाएगी। इससे लोगों को लाभ मिलेगा और अनियोजित और अवैध काॅलोनियों पर अंकुश लगेगा।
-आलोक कुमार, डीएम