सरकारी मदद से पीले होंगे कोविड से अनाथ बालिकाओं के हाथ
आवेदन में बालिकाओं की मदद करेगी टास्क फोर्स व बाल संरक्षण इकाई
प्रमुख सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग ने जारी किए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत कोविड-19 से प्रभावित/अनाथ हुईं बालिकाओं की शादी में आर्थिक मदद प्रदान किए जाने की दिशा में तेजी से प्रयास शुरू किए जा चुके हैं। प्रमुख सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग वी. हेकाली झिमोमी ने इस संबंध में प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर इस बारे में आवेदन आमंत्रित करने के साथ ही उसके त्वरित निस्तारण को कहा है। उन्होंने कहा है कि कोविड-19 से प्रभावित अनाथ बालिकाओं के विवाह के लिए आर्थिक सहायता/अनुदान प्रदान करने के लिए आवश्यक दस्तावेजों की जांच महज 15 दिन के भीतर पूर्ण कर ली जाए।
कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम के लिए राज्य सरकार द्वारा हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं, फिर भी कोरोना के कारण जो बच्चे प्रभावित हुए हैं, उनकी हरसंभव मदद को सरकार उनके साथ है। ऐसे संकटग्रस्त बच्चों के भरण-पोषण, शिक्षा, चिकित्सा आदि की व्यवस्था के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान किए जाने के संबंध में प्रदेश में ‘मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना’ प्रारंभ की गई है। जिसमें कोविड-19 संक्रमण से प्रभावित सभी बालिकाओं की शादी के लिए एक लाख एक हजार रुपये की राशि उपलब्ध कराई जाएगी। उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त कर रहीं बालिकाओं को ही उनके विवाह के लिए आर्थिक सहायता/अनुदान की धनराशि अनुमन्य की जाएगी। विवाह के लिए निर्धारित की गई तिथि को वर की आयु 21 वर्ष तथा वधू की आयु 18 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए। विवाह की तिथि के 90 दिन पूर्व से विवाह होने की तिथि के 90 दिन के अंदर आवेदन किया जाना अनिवार्य होगा। जिला प्रोबेशन अधिकारी श्वेता त्रिपाठी ने बताया कि बालिकाओं के शादी से संबंधित आवेदन मांगे गए हैं।
ऐसे करना होगा आवेदन
ऐसी समस्त बालिकाएं स्वयं अथवा उनके माता /पिता अथवा संरक्षक योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए ऑफलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदनपत्र के साथ आवश्यक अभिलेखों की स्वप्रमाणित प्रति संलग्न करना अनिवार्य होगा। आवेदनपत्र को ग्रामीण क्षेत्रों में संबंधित ग्राम विकास अधिकारी/ग्राम पंचायत अधिकारी के पास या विकास खंड या सीधे जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय में तथा शहरी क्षेत्रों में संबंधित क्षेत्र के लेखपाल के पास या तहसील या सीधे जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय में जमा कराया जा सकता है।
आवेदन के लिए आवश्यक अभिलेख
बालिका तथा उसके वर्तमान अभिभावक की नवीनतम फोटो सहित पूर्ण आवेदन पत्र। माता-पिता/वैध संरक्षक जैसी भी स्थिति हो का मृत्यु प्रमाणपत्र तथा कोविड-19 से मृत्यु संबंधी साक्ष्य। वर व वधू का आयु प्रमाणपत्र किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा 94 में उल्लिखित प्रमाणपत्रों के अतिरिक्त परिवार रजिस्टर की नकल अथवा किसी सरकारी दस्तावेज की प्रति, जिसमें आयु का उल्लेख हो। विवाह की तिथि नियत होने या विवाह संपन्न होने संबंधी अभिलेख तथा विवाह का कार्ड व उत्तर प्रदेश के निवासी होने का प्रमाणपत्र तथा आय प्रमाणपत्र का होना जरूरी है। परिवार की आय सालाना तीन लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
15 दिन के अंदर पूर्ण होगी प्रक्रिया तथा जांच
ऐसी समस्त चिह्नित बालिकाएं या उनके अभिभावकों से जिला बाल संरक्षण इकाई सीधे संपर्क कर उनके आवेदनपत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया को चिह्नांकन के 15 दिन के अंदर पूर्ण कराएगी। जनपद स्तरीय टास्क फोर्स इसके लिए जिला बाल संरक्षण इकाई का पर्यवेक्षण करेगी तथा यह सुनिश्चित कराएगी कि ऐसी समस्त बालिकाओं के आवेदन पत्र ससमय प्राप्त कर लिए गए हैं।