संतकबीरनगर। शहर से लगायत देहात क्षेत्र तक लटकते हुए हाई टेंशन तार मौत को दावत दे रहे हैं। लोगों की छताें के बगल से गुजर रहे तारों के चलते लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। पिछले तीन माह में हाई टेंशन तार की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से दो मौतें तो कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र में हाईडिल के पास ही हुई हैं। इसके बावजूद अधिकारी मौन बने हुए हैं और लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं।
कोतवाली खलीलाबाद के बिधियानी मोहल्ले में रविवार को किराये पर रहने वाले एक मार्ट में काम करने वाले कर्मचारी की उसके किराये के आवास में उस समय मौत हो गई थी जब वह 11 केवीए के तार के बगल में मोबाइल से बात कर रहा था। उसी समय उसके मोबाइल में करंट प्रवाहित हो गया और उसकी मौत हो गई। वहीं धनघटा थानाक्षेत्र के चपरा पूर्वी गांव के पास ढाई माह पूर्व एक 55 वर्षीय महिला की हाई टेंशन तार की चपेट में आने से मौत हो गई थी।
गत 12 अक्टूबर की सुबह खलीलाबाद की हाईडिल काॅलोनी के बगल में स्थित मुहल्ले में 11 केबीए की लाइन की चपेट में आने से एक 45 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। लोगों का आरोप है कि लगातार घटनाओं के बाद भी विभाग चेत नहीं रहा है। इसके चलते दुर्घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। जिसको लेकर लोगों में आक्रोश का माहौल है।
हाई टेंशन तारों के बीच बिजली विभाग के कर्मचारियों के सर्वाधिक मकान
हाईडिल काॅलोनी के अगल बगल की जिन जमीनों से होकर हाई टेंशन के तार जा रहे हैं, उनपर बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के मकान सबसे अधिक हैं। स्थिति यह है कि कोई बिजली विभाग में लाइनमैन है तो कोई एसडीओ तो कोई अन्य कर्मचारी। सभी के घरों से होकर हाई टेंशन तार गुजर रहे हैं।
33 केबीए की लाइन के नीचे बने हैं मकान
हाईडिल में आने वाली 33 केबीए की लाइन के बीच बने हुए मकान बने हुए हैं। यही नहीं सुरक्षा को दरकिनार करते हुए इस उच्च क्षमता की लाइन के नीचे भी लोगों ने घर बनवा लिए हैं। स्थिति तो यह है कि यह उच्च क्षमता की लाइन पांच फिट दूर से ही झटका देती है। इसके बावजूद लोगों ने इसके बगल में तथा तार के नीचे ही घर बनवा लिए हैं।
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लगातार बिजली विभाग के अधिकारियों से तारों के शिफ्टिंग के लिए बात की जाती है, लेकिन उनकी बातों को सुना नहीं जाता है। बिजली के तारों के चलते कई जाने जा चुकी हैं, लेकिन अधिकारी मौन बने हैं।
-गोरखनाथ मिश्रा, विधियानी, हाईडिल काॅलोनी
वर्ष 2012 में भी यहां पर एक युवक की बिजली के तार की चपेट में आने से मौत हो चुकी है। लगातार हो रही मौतों के बाद भी विभाग यहां से तारों को हटा नहीं रहा है। ताकि दुर्र्घटनाओं को रोका जा सके।
-अहमद रजा, विधियानी, हाईडिल काॅलोनी
कोट
बिजली का तार पहले से था, लोगों ने उसके नीचे घर बना लिए हैं। अगर लोग तारों को हटाने के लिए प्रस्ताव देते हैं तो उसपर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
-राजेश कुमार, अधिशासी अभियंता, बिजली निगम