संतकबीरनगर। खलीलाबाद के मड़या टीचर काॅलोनी में श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथावाचक पं. अनिल त्रिपाठी ने कहा कि भगवान अत्यंत शरणागत वत्सल और भक्तों पर कृपा करने वाले हैं। भक्तों की रक्षा के लिए किसी भी रूप में आना स्वीकार कर लेते हैं।
उन्होंने कहा कि पृथ्वी का उद्धार करने के लिए पाताल लोक में जाने के लिए भगवान ने वाराह का रूप धारण किया और भक्त प्रहलाद की रक्षा के लिए खंभे को फाड़कर नृसिंह के रूप में आए। कथा वाचक ने देवहूति कर्दम संवाद, पृथु की उत्पत्ति, दक्ष प्रजापति का यज्ञ आदि प्रसंग सुनाए। उन्होंने कहा कि भगवान की कथा का श्रवण और हरिनाम संकीर्तन से मनुष्य मुक्ति प्राप्त करता है। इसके पूर्व श्रीमद्भागवत का प्रारंभ गौरी गणेश सहित सर्वतोभद्र मंडल और व्यास पूजन से किया गया। आयोजक दीनानाथ पाठक, आलोक पाठक आदि मौजूद रहे। संवाद