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35 घरों के करीब कटान करते हुए पहुंची घाघरा नदी

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गायघाट दक्षिणी गांव के पास कटान करती घाघरा नदी।संवाद - फोटो : KHALILABAD
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35 घरों के करीब कटान करते हुए पहुंची घाघरा नदी
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तेजी के साथ बढ़ते हुए एमबीडी बांध के करीब पहुंचा घाघरा नदी का पानी
तुर्कवलिया नायक के पास चल रहा बांध का पिचिंग कार्य रुका
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। घाघरा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदी ने कटान तेज कर दी है। नदी का पानी बढ़ने के कारण तुर्कवलिया नायक के पास चल रहे बांध के पिचिंग का कार्य ठप हो गया है। उधर, गायघाट दक्षिणी गांव के पास कटान करके नदी ने 35 लोगों के मकान को अपनी जद में ले लिया है। नदी की कटान और बढ़ते हुए जलस्तर को देखकर लोग भयभीत हैं। चपरा पूर्वी के पास भी कटान तेज हो गई है।
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घाघरा नदी एक सप्ताह से गायघाट दक्षिणी गांव के पास धीरे-धीरे कटान कर रही थी। शुक्रवार को देर शाम नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी शुरू होने के साथ कटान भी तेज हो गई। नदी कटान करते हुए राम दरस, रामजीत, राजेश्वर के मकान को अपने में समाहित करते हुए वहां पहुंच गई, जहां 35 लोग आशियाना बना कर निवास करते हैं। ग्राम प्रधान बालेंद्र उर्फ पप्पू ने बताया कि श्याम देव, बुधराम, रामचंद्र, योगेश समेत 35 लोगों के मकान के पास कटान करती हुई नदी पहुंच गई है। चार से पांच मीटर कटान और हुई तो 35 मकान नदी की धारा में विलीन हो जाएंगे। इधर, नदी का जलस्तर तेजी के साथ बढ़ने के कारण बिड़हर घाट पर नदी की धारा उत्तर की दिशा में मुड़ गई है। इससे दो माह से नदी की धारा को मोड़ने के लिए किए जा रहे कार्य से कोई फायदा होता नहीं दिख रहा है। नदी का जलस्तर बढ़ते हुए चपरा पूर्वी और तुर्कवलिया नायक गांव के समीप एमबीडी बांध के करीब पहुंचने वाला है। इससे एमबीडी बांध पर संभावित खतरे को देखकर स्थानीय लोग भयभीत होने लगे हैं। एमबीडी बांध की मजबूती के लिए तुर्कवालिया नायक के पास 300 मीटर लंबाई में करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से बांध का पिचिंग कार्य और ठोकर बनाने का कार्य चल रहा था। नदी का पानी पहुंच जाने के कारण यह कार्य भी शनिवार को बंद कर देना पड़ा। चपरा पूर्वी गांव के पास भी नदी ने कटान तेज कर दी है। इससे केवटहिया टोला के अस्तित्व पर खतरा उत्पन्न हो गया है। यहां पर कटान को रोकने के लिए सिंचाई विभाग बोरी लगाने का काम कर रहा है, लेकिन कटान के आगे बोरी कहीं पर भी रुक नहीं पा रही है। इस संबंध में सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता सतीश चंद का कहना है कि नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। नदी धीरे-धीरे कटान भी कर रही है, लेकिन नदी के बढ़ते पानी और कटान से बांध को कोई खतरा नहीं है।
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