घाघरा का जलस्तर 10 सेमी घटा, खतरा बरकरार
जारी है बाढ़ पीड़ितों का पलायन
पन्नी का इंतजाम नहीं, चारे का संकट
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। बुधवार की सुबह से शाम तक घाघरा नदी के जलस्तर में 10 सेंटीमीटर की गिरावट आई है, लेकिन नदी अब भी खतरे के निशान से ऊपर बनी हुई है। बाढ़ प्रभावित गांव के लोगों का घर से पलायन भी जारी है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान 79.35 मीटर से बढ़कर 79.70 मीटर पर पहुंच गया था, लेकिन बुधवार को के शाम जलस्तर 79.60 मीटर दर्ज किया गया।
घाघरा नदी की बाढ़ से धनघटा तहसील के 38 गांव प्रभावित हुए हैं। सर्वाधिक दुश्ववारी गायघाट दक्षिणी, सियर कला, ढोलबजा, गुनवतिया, चकदहा, सरैया, खरैया, दौलतपुर, कंचनपुर के लोगों को झेलना पड़ रहा है। इन गांवों के अधिकतर लोग घर छोड़कर एमबीडी बांध पर शरण लिए हुए हैं। बाढ़ पीड़ित दयाराम, शिवप्रकाश, शिवमूरत, जगरनाथ, दयाशंकर, प्रमोद, कृपाल आदि ने बताया कि दो दिन हो गया एमबीडी बांध पर आए हुए, लेकिन प्रशासन के तरफ से अभी तक न तो रहने के लिए पन्नी मुहैया कराई गई और न ही राशन दिया गया। मवेशी को खिलाने के लिए चारा की व्यवस्था भी नहीं है। आसमान के नीचे रहना मजबूरी बनी हुई है। बाढ़ पीड़ितों ने बताया कि बगल के गांव के लोग राशन दे रहे हैं, जिससे बच्चों का पेट भरा जा रहा है। तहसीलदार रत्नेश तिवारी का कहना है कि अभी तक बंधे पर कोई परिवार विस्थापित नहीं हुआ है। नदी का जल स्तर घटने लगा है। सभी लोग अपने अपने घरों पर रह रहे हैं। केवल आवागमन की समस्या थी जिसके लिए नावें लगा दी गई हैं। कोई परिवार बंधे पर या बाढ़ राहत शिविर पर आएगा तो उसके रहने व खाने-पीने की व्यवस्था तुरंत की जाएगी।