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एमबीडी बांध पर फिर बढ़ा घाघरा नदी का दबाव

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धनघटा में एमबीडी बांध के करीब कटान करती घाघरा नदी।संवाद - फोटो : KHALILABAD
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एमबीडी बांध पर फिर बढ़ा घाघरा नदी का दबाव
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नदी की कटान से बांध दरकने से मची खलबली
संवाद न्यूज एजेंसी।
धनघटा। रविवार की रात एमबीडी बांध पर एक बार फिर घाघरा नदी का रौद्र रूप देखने को मिला। नदी की कटान से बांध दरकने लगा तो मौके पर मौजूद सिंचाई विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। कटान स्थल पर बोल्डर डाल कर किसी तरह इस स्थिति को नियंत्रण में किया गया।
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सिंचाई विभाग के अधिकारी भले ही बांध को सुरक्षित होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन अभी बांध पर खतरा बना हुआ है। इधर, लगातार तीन दिनों से नदी का पानी स्थिर था। इससे नदी ने कटान करना बंद कर दिया था। नदी की कटान को कम होते देख सिंचाई विभाग के अधिकारी भी राहत की सांस ले रहे थे। अशरफपुर गांव के भोला, जगदीशपुर से रामकमल, तुरकौलिया नायक के ग्राम प्रधान वीरेंद्र यादव, शिवचरण, रामशंकर आदि का कहना है कि नदी भले ही बांध के पास कटान करना बंद कर दी थी, लेकिन चपरा पूर्वी गांव के दक्षिण फसल को काटकर अपने में समाहित कर रही थी। रविवार की रात करीब 12 बजे बांध पर मजदूर शोर करने लगे तो गांव के लोग भी दौड़कर वहां पहुंचे वहां की स्थिति देख कर यही लग रहा था कि अब बांध बचना मुश्किल होगा, लेकिन मजदूर और गांव के लोगों ने अथक परिश्रम करके कटान स्थल पर बोल्डर और मिट्टी भरी बोरी डालना शुरू किया। जिसका परिणाम हुआ कि सुबह होते-होते कटान नियंत्रण में आ गई। गांववालों का कहना है कि नदी की धारा बांध की तरफ पूरी तरह से मुड़ गई है। यदि कटान रोकने का जल्द ही कोई स्थायी उपाय नहीं किया जाता है तो बांध को बचाना बेहद मुश्किल होगा। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अजय कुमार ने बताया कि बांध पूरी तरह से सुरक्षित है। यहां पर कटान रोकने के लिए स्थायी प्रबंध किए जा रहे हैं। प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही मंजूरी मिल जाएगी। उसके बाद कटान रोकने का कार्य शुरू हो जाएगा।
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