कोतवाली पुलिस ने आठ माह पूर्व मार्बल व्यापारी अपहरण कांड में शामिल तीन अभियुक्तों पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की है। आरोपी जिले में कई प्रकार की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं।
कोतवाल ब्रजेंद्र पटेल ने बताया कि आठ माह पूर्व शहर के एक मार्बल व्यापारी का अपहरण गोरखपुर के नौसढ़ चौराहे से हुआ था। बाद में व्यापारी घर आ गया था। उस मामले में केस दर्ज हुआ था। इधर, विवेचना में पता चला कि लक्ष्मी सिंह उर्फ अजय सिंह निवासी निवासी परमेठ थाना करंडा जिला गाजीपुर अपने साथी वासुदेव तिवारी निवासी सलौरा थाना सिकरीगंज गोरखपुर और नेपाल सिंह निवासी मोतीपुरा नागौर राजस्थान के साथ मिलकर एवं संगठित आपराधिक गिरोह चला रहा है। वह जिले में सक्रिय है।
इस गिरोह के जरिए जिले में फिरौती के लिए अपहरण जैसा संगठित अपराध किया जाता है। यह गैंग अपने सदस्यों के साथ मिलकर संगठित रूप से आर्थिक एवं दुनियाबी लाभ के लिए तथा अपहरण के प्रयोजन से अपराध करने का आदी है। जिसके कारण आस पास क्षेत्र के लोगों में भय रहता है।
इस गैंग का भय व आतंक इतना है कि कोई भी व्यक्ति इनके खिलाफ गवाही देने को तैयार नहीं होता है। जिस कारण गैंग लीडर व गैंग के सदस्यों का समाज में स्वतंत्र रहना जनहित में नहीं है। इस गैंग का आपराधिक इतिहास है। इन तीनों पर अभियोग पंजीकृत करते हुए गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की गई है।