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प्राथमिक विद्यालय दासडीह के परिसर में बंद छुट्टा पशु और बाहर खड़े स्कूल के बच्चे।

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प्राथमिक विद्यालय दासडीह के परिसर में बंद छुट्टा पशु और बाहर खड़े स्कूल के बच्चे। - फोटो : KHALILABAD
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स्कूल में छुट्टा पशु, किताब लेकर बाहर खड़े रहे बच्चे
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सूचना पर पहुंचे बीडीओ और पशुओं को आश्रय केंद्र भेजा
अमर उजाला ब्यूरो
बेलहर। बखिरा थाना क्षेत्र के कई गांवों के ग्रामीणों ने छुट्टा पशुओं को एकत्रित कर प्राथमिक विद्यालय दासडीह में बंद कर दिया। इस कारण स्कूल में पढ़ाई बाधित रही। सीडीओ के निर्देश पर ब्लॉक के अधिकारी व कर्मचारी मौके पर पहुंचे और छुट्टा पशुओं को पशु आश्रय केंद्र भेजा। इसके बाद स्कूल परिसर की साफ सफाई कराई गई। इस दौरान किसानों की ग्राम पंचायत अधिकारी अभिनव रवि वत्स से नोकझोंक भी हुई।
बेलहर कलां ब्लॉक की ग्राम पंचायत छपवां, पिठियां, डुहवा, बसहिया घाघरा, गजौली, तेनुडाड़ मझारी आदि गांवों के किसान छुट्टा पशुओं से परेशान हैं। ये पशु किसानों की फसल बर्बाद कर दे रहे हैं। ऐसे में दिनरात किसानों को खेत की रखवाली करनी पड़ती है। शिकायत के बाद भी समाधान नहीं हुआ तो शुक्रवार सुबह किसानों ने क्षेत्र 10 पशुओं को घेरकर प्राथमिक विद्यालय दासडीह के परिसर में पहुंचाया और गेट बंद कर प्रदर्शन किया। कुछ देर बाद जब बच्चे विद्यालय पहुंचे तो अंदर पशुओं को देखकर सब बाहर रुक गए। प्रधानाध्यापक तारेश कुमार ने इसकी सूचना बीईओ नरेंद्र सिंह को दी और बच्चों को घर भेज दिया। बीईओ ने बीएसए और बीएसए ने सीडीओ को सूचना दी। सीडीओ के निर्देश पर बीडीओ महाबीर सिंह, एडीओ पंचायत रवींद्र सिंह, ग्राम पंचायत अधिकारी अभिनव रवि वत्स और कई सफाई कर्मी प्राथमिक विद्यालय दासडीह पहुंचे। अधिकारियों ने स्कूल परिसर में बंद पशुओं को पिकअप से बघौली ब्लॉक के मखदूमपुर गो आश्रय केंद्र भेजा और परिसर की साफ सफाई कराई गई।
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पहले भी आ चुका है मामला
स्कूल परिसर में बंद करने का बेलहर क्षेत्र में एक सप्ताह में यह दूसरा मामला है। इससे पहले प्राथमिक विद्यालय अमरडोभा में भी पिछले रविवार को लोगों ने करीब 100 पशुओं को घेरकर बंद कर दिया था। दो दिन तक स्कूल बंद रहने व मामला मीडिया में आने के बाद अफसर मौके पर पहुंचे और पशुओं को स्कूल से निकालकर पशु आश्रय केंद्र भेजा गया था। इसके चलते वह विद्यालय भी दो दिन तक बंद रहा था।
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दोषियों पर होगी कार्रवाई : सीडीओ
सीडीओ बब्बन उपाध्याय ने कहा कि प्रकरण बेहद गंभीर है। जिले में 56 पशु आश्रय केंद्रों में करीब 1300 पशु रखे गए हैं। सीवीओ को यह निर्देश दिया गया है कि टीम लगाकर छुट्टा पशुओं को पकड़वाएं। इसके अलावा स्कूल में छुट्टा पशुओं को बंद करने के मामले में भी जांच कराई जाएगी। यह अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश है। अगर कहीं छुट्टा पशुओं की समस्या है तो लोग इसकी सूचना दें, निश्चित ही उस पर कार्रवाई होगी। पशुओं को स्कूल में बंद करके पढ़ाई बाधित करने को उचित नहीं ठहराया जा सकता। आगे ऐसा प्रकरण आने पर संबंधित के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा।
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