गांव में पीठासीन अधिकारी, न्याय पंचायत स्तर पर होंगे सेक्टर मजिस्ट्रेट
हर घंटे पौधरोपण की सूचना दी जाएगी वन विभाग के कंट्रोल रूम को
सीडीओ ने ड्यूटी में लगे सभी जिम्मेदारों को पत्र जारी कर किया सचेत
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। भारत छोड़ो आंदोलन की 77वीं वर्षगांठ पर नौ अगस्त को होने वाले पौधरोपण कार्यक्रम जिला प्रशासन ने इलेक्शन मोड में कराने का खाका तैयार किया है। अभियान को सफल बनाने के लिए गांव में पीठासीन अधिकारी के रूप में तो न्याय पंचायत स्तर पर सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। तहसील स्तर पर एसडीएम व वन विभाग के रेंजर जोनल मजिस्ट्रेट होंगे जो हर गतिविधि पर नजर रखेंगे। इतना ही प्रत्येक घंटे पौधरोपण का डॉटा भी वन विभाग के कंट्रोल रूम में कलेक्ट होगा।
सीडीओ डॉ. बब्बन उपाध्याय ने बताया कि नौ अगस्त को जिले में पौधरोपण के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई गई है। इसकी शासन स्तर से मॉनीटरिंग की जाएगी। उन्होंने बताया कि पौधरोपण को चुनावी पैटर्न पर संपन्न कराने के लिए पौधे को मतपत्र और ग्राम पंचायतों को पोलिंग बूथ माना गया है। इसके अलावा ग्राम प्रधान/पंचायत सचिव एवं ग्राम विकास अधिकारी में से किसी एक को पीठासीन अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है। ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम प्रधान वृक्ष अभिभावक होंगे और वे ग्राम पंचायत सचिव या ग्राम विकास अधिकारी से समन्वय कर पौधरोपण कराएंगे। ब्लाक स्तर पर सेक्टर पौधरोपण समन्वयक के रूप में वनरक्षक व अन्य विभागों के अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। ये समन्वयक पौधरोपण की गतिविधियों पर आवश्यकतानुसार सहायता प्रदान करेंगे। इसके अलावा न्याय पंचायत स्तर पर सेक्टर मजिस्ट्रेट नामित किए गए हैं जो कार्य क्षेत्र में अग्रिम मृदा (गड्ढा खुदान) रापेण स्थल की जियो टैगिंग, पौधशाला से ग्राम पंचायत स्तर पर पौधे पहुंचाने के साथ ही सत्यापन का कार्य करेंगे। वे ही हर घंटे वन विभाग के कंट्रोल रूम पर सूचना देंगे।
उन्होंने बताया कि तहसील स्तर पर जोनल अफसर पौधरोपण के रूप में वन विभाग के क्षेत्रीय वन अधिकारी कार्य करेंगे और पौधरोपण की उपलब्धता की जानकारी देंगे। इसके अलावा तहसील स्तर पर किसी भी आकस्मिक विवाद या कठिनाइयों के त्वरित निस्तारण के लिए एसडीएम व वन विभाग के सहायक वन संरक्षक की संयुक्त टीम जोनल मजिस्ट्रेट के रूप में कार्य करेगी। सभी विभागों को इसकी जानकारी पत्र से दे दी गई है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही हुई तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही रिपोर्ट भेजी जाएगी।