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Sant Kabir Nagar News: अब तक नहीं बनीं बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कें

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धनघटा। तहसील क्षेत्र में आई बाढ़ ने गांवों को जोड़ने वाले संपर्क मार्गों को क्षतिग्रस्त करके लोगों के आने जाने में कठिनाई खड़ी कर दी है। सड़कों पर जगह-जगह हुए गड्ढों से पैदल चलना मुश्किल है। वहीं सरकार को भी करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ा है। धनघटा तहसील के 34 गांव सरयू नदी की बाढ़ से प्रभावित हैं। एमबीडी बांध के दक्षिण बसे इन गांवों में पहुंचने के लिए बांध से लेकर गांवों तक संपर्क मार्ग बनाए गए थे। तिघरा कुटी से गायघाट दक्षिणी, कंचनपुर, नागा बाबा की कुटी, भौवापार आदि गांव में पहुंचने के लिए पक्की सड़क का निर्माण कराया गया है। इस सड़क पर तिघरा कुटी के पास बनी पुलिया की एप्रोच पानी में बह गई है। इसके साथ आगे चलकर सड़क कई जगह टूट कर गड्ढा बन गई है। इसी तरह दौलतपुर गांव जाने वाली सड़क कई जगह क्षतिग्रस्त है। सियर कला से एमबीडी बांध तक जाने वाली पक्की सड़क कई स्थानों पर टूट गई है। मदरा से पटौवा तक जाने वाली सड़क भी कई स्थानों पर टूट गई है जिससे लोगों के सामने समस्या खड़ी हो गई है। आगापुर गुलरिहा गांव के विभिन्न पुरवो पर जाने वाली सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिससे गांव के लोगों की समस्या बढ़ गई है।
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ग्रामीण रामसेवक, तामेश्वर, जटाशंकर, रामपाल, झगरु, शिवकुमार आदि का कहना है कि यह तो पक्की सड़कों का हाल है। मनरेगा के तहत ग्राम पंचायत के जरिये बनाई गई सड़कें पानी में इस कदर बहीं कि उनका नामोनिशान नहीं है।
ग्राम पंचायत से दूसरे ग्राम पंचायत को जोड़ने के लिए मनरेगा से कच्ची सड़कों का निर्माण तो कराया गया, लेकिन उस पर पुलियों का निर्माण नहीं कराया गया, जिससे उन सड़कों से जल निकासी की व्यवस्था न होने से बर्बाद हो गई।
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बाढ़ से टूटी सड़कों का निर्माण कब होगा, इसका कोई भरोसा नहीं है। गांव के लोगों के आने-जाने में बाढ़ ने चारों तरफ से कठिनाई खड़ी कर दी थीं। लोगों की आजाविका भी प्रभावित हुई थी। डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि जो भी सड़कें क्षतिग्रस्त हैं, उसकी मरम्मत के लिए पीडब्लूडी को निर्देशित किया गया है।
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