संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट भूपेंद्र राय की कोर्ट ने मारपीट अपशब्द कहने जान से मारने की धमकी देने तोड़फोड़ करने के मामले में दोषी पाए जाने पर तीन भाइयों समेत पांच लोगों को दोषी करार दिया।
इनको एक वर्ष के लिए शांति बनाए रखने के शर्तों पर छोड़ा है। बाइक को क्षतिग्रस्त करने के मामले में कुल 20 हजार रुपया वादी मुकदमा को दिए जाने का आदेश दिया है। विशेष लोक अभियोजक फौजदारी आशीष प्रसाद पांडे ने बताया कि वादी मुकदमा वीरेंद्र पाल ने थाना कोतवाली खलीलाबाद में 9 अप्रैल 2010 की घटना को लेकर उपरोक्त आरोपियों पर केस दर्ज कराया था।
विवेचक ने उपरोक्त आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट भूपेंद्र राय की कोर्ट में दौरान विचारण 6 गवाहों की गवाही तथा 8 अभिलेखीय साक्ष्य प्रस्तुत किए गए।
कोर्ट ने पक्षों की बहस सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर दोषी पाए जाने पर राधेश्याम, राजमन, राम आशीष, किन्नन व रमेश निवासीगण पचपेड़वा थाना खलीलाबाद को एक-एक वर्ष के लिए सदाचार कायम रखने के परिवीक्षा अधिनियम में शर्तों के अधीन छोड़ा है।