संतकबीरनगर। महुली थाना क्षेत्र के सिकरी गांव में पोखरे में मछली मारने के विवाद में हुए जानलेवा हमले के मामले में सत्र न्यायालय ने पिता-पुत्र को सात-सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। सत्र न्यायाधीश रणधीर सिंह की अदालत ने दोनों दोषियों पर 11-11 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
घटना तीन जनवरी 2018 की शाम करीब सात बजे की है। सिकरी गांव निवासी राजकुमार अपने साथियों के साथ बाजार से लौट रहा था। गांव के पोखरे के पास मछली मारने को लेकर उसका गांव के राम नरेश और राम दरश से विवाद हो गया।
आरोप है कि विवाद बढ़ने पर दोनों ने जान से मारने की नीयत से राजकुमार पर सरिया और भाले से हमला कर दिया। हमले में उसके सिर, कान, सीने और पीठ पर गंभीर चोटें आईं। वह लहूलुहान होकर मौके पर गिर पड़ा।
घटना के बाद परिजन और ग्रामीण उसे एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल ले गए। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया, जहां कई दिनों तक उसका उपचार चला।
मामले में पीड़ित के पिता रामसागर की तहरीर पर महुली थाने में प्राथमिकी दर्ज किया गया था। पुलिस ने विवेचना पूरी कर दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आठ गवाहों के बयान और चिकित्सीय रिपोर्ट प्रस्तुत की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने राम नरेश और राम दरश को दोषी करार दिया। दोनों को सात-सात वर्ष के कारावास और 11-11 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई।