समय से नहीं आतीं सीडीपीओ, फरियादी होते हैं परेशान
सेमरियावां क्षेत्र में 237 आंगनबाड़ी केंद्र है संचालित
संवाद न्यूज एजेंसी
सेमरियावां। विकास खंड सेमरियावां परिसर में स्थित बाल विकास परियोजना कार्यालय का संचालन ठीक तरीके से नहीं हो रहा है। प्रभारी सीडीपीओ व कनिष्ठ सहायक के आने और जाने का समय निर्धारित नहीं है। जिसकी वजह से फरियादियों को समस्या हो रही है। मंगलवार को यहां 12 बजे के बाद कर्मचारी कार्यालय पहुंचे। एक प्राइवेट दाई कार्यालय खोलकर सीडीपीओ व बड़े बाबू के आने का इंतजार करती देखी गई।
सेमरियावां ब्लॉक में 237 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। छह माह से तीन साल तक के 9954 बच्चे, तीन साल से छह माह तक 5451 बच्चे, 4977 गर्भवती धात्री महिलाएं और 711 अतिकुपोषित बच्चे पंजीकृत हैं। इनका पुष्टाहार आदि सामग्री आती है। एक सुपरवाइजर रागिनी गौड़ और कनिष्ठ सहायक लिपिक अवधेश नारायण गौड़ की तैनाती है। सुपरवाइजर रागिनी को सीडीपीओ का प्रभार सौंपा गया है। चार साल से सीडीपीओ की तैनाती नहीं हो सकी है। आंगनबाड़ी केंद्रों की देखरेख व ठीक ढंग से संचालन के लिए 25 आंगनबाड़ी केंद्र पर एक सुपरवाइजर की तैनाती होनी चाहिए। सुपरवाइजर के आठ पद रिक्त हैं। तीन कनिष्ठ सहायक लिपिक की तैनाती होनी चाहिए। सिर्फ एक कनिष्ठ लिपिक तैनात हैं। सीडीपीओ कार्यालय का भवन जर्जर है। खिड़की, दरवाजा और फर्श टूटा हुआ है। कार्यालय में बिजली नहीं है। हैंडपंप खराब पड़ा है। कार्यालय पर एक प्राइवेट दाई कार्यालय खोल कर बैठी मिली। फरियादी आते और जाते रहे। सोमवार को कार्यालय पर कनिष्ठ सहायक लिपिक अवधेश नारायण गौड़ एक बजे के करीब पहुंचे। उसके बाद सीडीपीओ रागिनी गौड़ कार्यालय पर उपस्थिति हुईं। इससे पहले कार्यालय पर सन्नाटा था। राज राम, राम उजागिर, सैदा हुसैन भी किसी काम से सीडीपीओ कार्यालय आए और फिर वापस चले गए। लोगों ने बताया कि यहां कोई जिम्मेदार समय से नहीं मिलता है। जबकि कनिष्ठ सहायक लिपिक अवधेश नारायण गौड़ ने बताया कि तबीयत खराब होने की वजह से देर से कार्यालय पहुंचे। वहीं प्रभारी सीडीपीओ रागिनी गौड़ ने बताया कि वह जिला कार्यालय से आ रही हैं। इसलिए आने में देर हो गई है। आने के बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की मीटिंग ली जा रही है। बताया कि भवन जर्जर व हैंडपंप ख़राब की सूचना कई बार लिखित तौर पर उच्चाधिकारियों को दिया गया है। कोई सुनवाई नहीं हो रही है। क्षेत्र के अबूजर चौधरी, तनवीर चौधरी, संतोष कुमार और राम अवध आदि ने बताया कि कार्यालय पर अधिकारी कर्मचारी कभी समय से मौजूद नहीं रहते हैं। सीडीओ सुरेंद्र नाथ श्रीवास्तव ने बताया कि सुबह दस बजे से दोपहर 12 बजे तक कार्यालय में बैठकर फरियादियों की समस्या सुनने का समय निर्धारित है। अचानक जांच की जाएगी। जांच में यदि प्रभारी सीडीपीओ और अन्य कर्मी अनुपस्थित मिले तो कार्रवाई की जाएगी।