मेंहदावल। आखिर जिला प्रशासन जागा अब सोनमती को न्याय मिलने की उम्मीद जगी। अब तक कागजों में मुर्दा सोनमती को जिंदा किया जाएगा। शनिवार को एडीएम ने मामले को संज्ञान में लेते हुए विकास खंड तथा चकबंदी के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।
विकास खंड के थरौली निवासी सोनमती के जिंदा होने के प्रमाण मिले हैं। एडीओ पंचायत अधिकारी अभिनव रवि वत्स की जांच में यह बात सामने आई है, वह जिंदा पाई गई है। वे रिपोर्ट अग्रिम कार्रवाई के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी को भेजेंगे। मामले में ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। मेंहदावल विकास खंड के थरौली गांव की सोनमती ने सहायक विकास अधिकारी अभिनव रवि वत्स को शिकायती पत्र देते हुए दावा किया था कि उसके पति सोमई ने दो शादी की थी। पहली पत्नी से इकलौते पुत्र राजकिशोर हैं। जबकि हमारे पुत्र बृजराज, धर्मराज व उदयराज है। पति सोमई का वर्ष 2007 में निधन हो गया। उसका नाम परिवार रजिस्टर नकल में 29 अप्रैल 2024 में जीवित महिला के रूप में दर्ज है।
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एडीएम ने जताई नाराजगी
शनिवार को एडीएम जयप्रकाश मेंहदावल में सम्पूर्ण समाधान दिवस में सुनवाई कर रहे थे। इस दौरान सोनमती ने खुद के जिंदा होने के प्रमाण देते हुए शिकायत की। वे चकबंदी अधिकारी व बीडीओ पर भड़क गए। उन्होंने कहाकि एक महिला अपने जिंदा होने का प्रमाण दे रही है। उसके बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने सोमवार तक कार्रवाई करने का निर्देश दिए।