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दीपावली पर आज जगमगाएंगे दीप, महालक्ष्मी का होगा आह्वान

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दीपावली पर आज जगमगाएंगे दीप, महालक्ष्मी का होगा आह्वान
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संतकबीरनगर। दीपावली का पर्व बृहस्पतिवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। बुधवार को हर घर के बाहर दक्षिण में यम के लिए दीपक जलाया गया। जनपद के 474 स्थानों पर महालक्ष्मी की प्रतिमाएं और कलश स्थापित कर पूजन शुरू हो गया। शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के बाजारों में दिन भर मूर्ति, प्रसाद, मिठाई, फल खरीदने की धूम मची रही। तमाम लोगों ने अपने घर पर झालर लगाई और बिजली की सजावट की। अतिथियों के सत्कार के लिए व्यंजन बनने शुरू हुए, तो बच्चों को पटाखे खरीदने की ललक रही। अभिभावकों से अधिक से अधिक बम, पटाखा और फुलझड़ी खरीदवाने में जुटे रहे।
खलीलाबाद के गोलाबाजार में खरीदारों की भीड़ बुधवार को धनतेरस से भी अधिक रही। बैंकों के एटीएम दोपहर में ही चूक गए थे। पारंपरिक रूप में सायंकाल घर के आंगन की धुलाई के बाद में रंगोली बनेगी व दीप सजेंगे। विघ्नहर्ता गणेश, लक्ष्मी, कुबेर की पूजा होगी। व्यापारी कलम-दवात के साथ बहीखाता का पूजन करेंगे। अमावस का विशिष्ट काजल बनाया जाएगा, जो किसी अनहोनी से बचाएगा। व्यजंनों में सब तरह के पकवान के साथ-साथ सूरन (ओल) की सब्जी बनेगी। खलीलाबाद शहर में लोग खरीदारी के लिए बुधवार की देर शाम तक डटे रहे। यही हाल ग्रामीण क्षेत्रों का भी रहा। धनघटा, हैंसर, पौली, मेंहदावल, सेमरियावां, बखिरा, बेलहर, सांथा, नंदौर आदि जगहों पर भी लोग खरीदारी करते देखे गए। ग्रामीण क्षेत्रों में लक्ष्मी पंडालों के पास दुकानों पर लोगों को हुजूम देखा गया।
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दीपावली पूजन का शुभ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्य सुजीत कुमार ने बताया कि अमावस्या तिथि चार नवंबर को सुबह 06 बजकर 03 मिनट से पूरी रात तक रहेगी। लक्ष्मी पूजन स्थिर लग्न में करते हैं। वृष व सिंह लग्न स्थिर लग्न है। प्रदोष काल में भी लक्ष्मी पूजन करते हैं। प्रदोष काल 05:35 बजे सायंकाल से रात 08 बजकर 10 मिनट तक है। इसी तरह से वृष लग्न 06 बजकर 10 मिनट सायंकाल से रात 08 बजकर तीन मिनट तक है। सिंह लग्न रात 12 बजकर 41 मिनट से रात तीन बजे तक है।
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पटाखों की दुकानों पर लगी खरीदारों की भीड़
संतकबीरनगर। आबादी के बाहर जूनियर हाईस्कूल खलीलाबाद के मैदान में बुधवार को पटाखों की दुकानें सजी रहीं। सुरक्षा के लिए दमकल, बालू-पानी की भी व्यवस्था रही। फुलझड़ी, अनारबम, चटाई बम, साधारण बम, राकेट के अलावा नए ढंग के पटाखे बच्चों के आकर्षण का केंद्र रहा। इनकी कीमतें आसमान छू रही हैं। इससे सबका बजट फेल होता दिखा। बाजार में 30 से शुरू होकर दस हजारा चटाई (पटाखा) 1200 रुपये तक में बिक रही है। लोगों ने पटाखों की खरीदारी की।
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