संतकबीरनगर। बिजली निगमों के निजीकरण के विरोध में मंगलवार को भी बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान वक्ताओं ने निजीकरण का फैसला वापस लिए जाने की मांग की। 22 को लखनऊ में महापंचायत में शामिल होने का एलान किया।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त समिति के पदाधिकारी एवं धरना की अध्यक्षता कर रहे इंजीनियर मनोज कुमार ने कहा है कि पॉवर काॅरपोरेशन प्रबंधन ने बिजली दरों में बेतहाशा वृद्धि का प्रस्ताव देकर संघर्ष समिति के इस आरोप की पुष्टि कर दी है कि निजीकरण के बाद बिजली दरों में दो से तीन गुनी वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि घाटे के भ्रामक आंकड़े देकर पॉवर काॅरपोरेशेन ने निजीकरण के बाद आने वाले निजी घरानों की मदद के लिए बिजली दरों में बेतहाशा वृद्धि का प्रस्ताव दिया है।
संघर्ष समिति के पदाधिकारी दिलीप सिंह ने कहा कि पॉवर काॅरपोरेशन की ओर से दी गई बिजली दरों में वृद्धि के प्रस्ताव से किसान, गरीब उपभोक्ता आर्थिक रूप से सकते में हैं। उन्होंने कहा कि संघर्ष समिति ने किसानों और आम उपभोक्ताओं से व्यापक जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है।