संतकबीरनगर। बिजली निगम के निजीकरण के विरोध में बुधवार को बिजली कर्मियों ने कार्य बहिष्कार कर एक्सईएन कार्यालय पर धरना दिया। यह कार्य बहिष्कार दो बजे से पांच बजे तक किया गया।
संघर्ष समिति के पदाधिकारी इंजीनियर मुकेश गुप्ता ने पॉवर कारपोरेशन के चेयरमैन पर आरोप लगाया है कि वह आंकड़ों का फर्जीवाड़ा कर घाटा दिखा रहे हैं और आम उपभोक्ताओं पर इसका बोझ डालना चाहते हैं। जबकि इसके पीछे मुख्य मकसद निजी घरानों की मदद करना है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शांतिपूर्ण कार्य बहिष्कार आंदोलन के कारण किसी भी बिजली कर्मियों का उत्पीड़न किया गया तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। सभी ऊर्जा निगमों के तमाम बिजलीकर्मी हड़ताल पर जाने हेतु बाध्य होंगे। जिसकी सारी जिम्मेदारी ऊर्जा निगमों के शीर्ष प्रबंधन और चेयरमैन की होगी।
इंजीनियर राजेश कुमार ने कहा आज 14 साल बाद स्थिति यह है कि केस्को की एटी एंड सी हानियां 9.6 प्रतिशत हैं जबकि आगरा में टोरेंट पॉवर कंपनी की एटी एंड सी हानियां 09.82 प्रतिशत हैं। पावर कॉरपोरेशन को जहां आगरा की निजी कंपनी टोरेंट पावर से प्रति यूनिट बिजली का 04.36 रुपये मिल रहा है वहीं सरकारी क्षेत्र की केस्को से प्रति यूनिट 07.96 रुपया मिल रहा है जो आगरा में निजी कम्पनी से मिलने वाले रुपये 04.36 प्रति यूनिट की तुलना में 3.60 रुपये प्रति यूनिट अधिक है।
इस दौरान इंजीनियर मनोज कुमार, इंजीनियर लक्ष्मण मिश्र, अमित सिंह, धनन्जय सिंह, भानु प्रताप चौरसिया, भागीरथी, बेचन प्रसाद, रविकान्त, अजय चौरसिया व अन्य मौजूद रहे।