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बदहाल विद्युत आपूर्ति से हजारों की आबादी परेशान

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बदहाल विद्युत आपूर्ति से हजारों की आबादी परेशान
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काम के समय बिजली नदारद होने से कारोबारियों की आय प्रभावित हुई
संवाद न्यूज एजेंसी
बखिरा। शहरी क्षेत्र में 20 घंटे बिजली की आपूर्ति देने का विद्युत मंत्री का दावा फेल होता नजर आ रहा है। स्थिति यह है कि दिन के वक्त बिजली आपूर्ति करीब-करीब शून्य है। पड़ रही उमस व गर्मी में बिजली विभाग की मनमानी की वजह से कारोबारी व आम लोग परेशान हैं।
बखिरा को नगर पंचायत का दर्जा मिले हुए करीब डेढ़ साल का वक्त बीत चुका है, किन्तु शहरी के हिसाब से बिजली की आपूर्ति नहीं की गई। इस बात से लोगों ने जनप्रतिनिधियों को अवगत भी कराया, किन्तु देहात क्षेत्र की ही बिजली आपूर्ति की गई। विगत कुछ दिनों से स्थिति यह है कि दिन के समय बिजली पूरी तरह से नदारद रहती है। इस बात का खामियाजा बिजली आधारित मशीनों पर आश्रित कारोबारियों को भुगतना पड़ता है। दिन के समय बिजली गायब रहने से कोई भी काम नहीं होता है। ऐसे में उनकी आय भी प्रभावित होती है।
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चंद्रिका, रामलगन, बृजेश कुमार, श्याम मोहन, दयाराम, कल्लू, रामहित, संतोष, मोहित ने कहा कि कोरोना की वजह से विगत डेढ़ वर्षों से उनकी दुकानदारी चौपट हो गई है। इधर, कुछ दिनों से उनकी दुकान की बिक्री भी बढ़ी थी, किंतु पूरे दिन बिजली की आवाजाही अथवा बिजली के गायब होने से धंधे पर भी असर पड़ा है। क्षेत्रीय लोगों ने कहा कि उमस व गर्मी में रहना मुश्किल हो गया है। पूरे दिन बिजली गायब होने से पड़ रही उमस व गर्मी परिवार के लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। लोगों ने कहा कि बार-बार कटौती होने से उन्हें बमुश्किल आठ से दस घंटे ही बिजली मिल पा रही है। ऊपर से लो वोल्टेज की वजह से मुसीबत और भी बढ़ गई है। बिजली से चलने वाले घरेलू उपकरण फ्रीज, टीवी, वाशिंग मशीन व कूलर भी नहीं चल पा रहे हैं। इस बाबत विद्युत निगम के एसडीओ अजय मौर्या ने बताया कि बेहतर आपूर्ति का प्रयास लगातार किया जाता है। वह ट्रांसमिशन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही बिजली के अनुसार ही आपूर्ति कर रहे हैं।
उमस भरी गर्मी के बीच बिजली कटौती बनी मुसीबत
रक्षाबंधन के त्योहार पर भी गायब रही बिजली
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। रक्षा बंधन के त्योहार पर भी रविवार को दिनभर बिजली की कटौती से उपभोक्ता परेशान रहे। उमस भरी गर्मी के कारण लोग पसीने से तर-बतर नजर आए। स्थिति यह रही कि दिन में पांच से छह घंटे ही बिजली की आपूर्ति हुई। इसके कारण जिन लोगों के घर पर इन्वर्टर लगे हैं वे भी जवाब दे गए, जिससे कूलर-पंखे बेकार साबित हुए। इससे लोगों में आक्रोश दिखाई दिया।
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वैसे तो जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर बिजली आपूर्ति व्यवस्था पटरी से उतर जा रही है। लोगों को उम्मीद थी कि त्योहार में भरपूर बिजली मिलेगी, लेकिन रक्षा बंधन के दिन सुबह करीब सात बजे बिजली गुल हुई और एक बजे के बाद आई। कुछ देर के बाद फिर बिजली कट गई है और चार बजे तक आपूर्ति ठप रही। इसके कारण लोग काफी परेशान दिखे। छुट्टी का दिन होने से लोग घर पर उमस भरी गर्मी झेलते रहे। यह स्थिति खलीलाबाद क्षेत्र के गड़सरपार, निचौरा, सेमरी, बरईपार, नहासापार, केरमुआ, चकदही आदि क्षेत्रों में रही तो धनघटा क्षेत्र में भी बिजली की कटौती उपभोक्ताओं के लिए मुसीबत बनी रही। क्षेत्र के निवासी रविंद्र कुमार, पन्ने लाल, धर्मेंद्र कुमार आदि ने कहा कि सरकार त्योहार पर बिजली कटौती न करने का निर्देेश दे रही है, लेकिन इसका पालन नहीं हो रहा है। इन लोगों ने कहा कि बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार किए जाने की जरूरत है। इस संबंध में विद्युत वितरण निगम के अधिशासी अभियंता आरके सिंह ने कहा कि कुछ तकनीकी दिक्कतों के कारण बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी, जिसे ठीक करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर से किसी प्रकार की कटौती नहीं की जा रही है।
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