संतकबीरनगर। विद्युत निगमों के निजीकरण के विरोध में कर्मियों का आंदोलन शनिवार को भी जारी रहा। इस दौरान विद्युत कर्मियों ने काली पट्टी बांधकर अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। इसके साथ ही बिजली के निजीकरण के लिए कंसल्टेंट चयन की अवैधानिक प्रक्रिया निरस्त करने की मांग किया। अगले सप्ताह मोमबत्ती जुलूस और बुद्धि-शुद्धि यज्ञ करने का निर्णय लिया।
धरनारत विद्युत कर्मियों ने कहा कि निजीकरण का फैसला कर्मचारियों और उपभोक्ताओं के हित में नहीं है। ऐसे में यह आंदोलन चलता रहेगा। कर्मियों ने कहा कि 27 से 30 जनवरी तक बिजली कर्मचारी, संविदा कर्मी और अभियंता प्रति दिन सभा करके शाम पांच बजे अपने कार्यालय के बाहर मोमबत्ती जुलूस निकालेंगे। विद्युत कर्मियों ने निजीकरण का फैसला वापस लेने की मांग की।
इस दौरान संघर्ष समिति के इंजीनियर राजेश कुमार, मनोज कुमार, लक्ष्मण मिश्र, मुकेश गुप्ता, सुनील प्रजापति, नारायण चंद्र चौरसिया, आशीष कुमार, दिलीप सिंह, राघवेंद्र, श्रीराम, धीरेंद्र यादव, श्रवण प्रजापति, अंकित मिश्रा, निखिल श्रीवास्तव, हेमलता सिंह, नमिता पटेल, दीक्षा श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।